रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर स्थित रणजीता स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना (फेज-04) के अंतर्गत स्वीकृत 774 सडक़ों का शिलान्यास एवं शुभारंभ किया। इन सडक़ों की कुल लंबाई 2426.875 किलोमीटर है, जिनके निर्माण पर 2225.44 करोड़ की लागत आएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिला मुख्यालय स्थित वशिष्ठ कम्यूनिटी हॉल के जीर्णोद्धार के लिए 80 लाख की राशि प्रदान करने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के अंतर्गत एक साथ इतनी बड़ी संख्या में सडक़ों का भूमिपूजन ग्रामीण विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि इन सडक़ों के निर्माण से लगभग 781 बसाहटों को बारहमासी पक्की सडक़ सुविधा प्राप्त होगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना की शुरुआत की गई थी, जो उनकी दूरदर्शी सोच का परिणाम है और आज यह योजना ग्रामीण भारत की जीवनरेखा बन चुकी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक में सडक़ नेटवर्क के विस्तार में अभूतपूर्व तेजी आई है। प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना और पीएम जनमन योजना के माध्यम से राज्य के अधिकांश गांवों को सडक़ संपर्क से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने कहा कि भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर से विशाखापट्टनम तथा रायपुर से जशपुर होते हुए धनबाद तक सडक़ निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिससे जशपुर क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सहकारिता क्षेत्र का उल्लेख करते हुए बताया कि हाल ही में 515 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) का वर्चुअल शुभारंभ किया गया है, जिससे प्रदेश में समितियों की संख्या बढक़र 2573 हो गई है। ये समितियां किसानों को खाद, बीज और अल्पकालीन ऋण जैसी सुविधाएं उनके निकट उपलब्ध कराएंगी तथा धान विक्रय प्रक्रिया को सरल बनाएंगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा किसानों से ?3100 प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है और होली से पूर्व 25.28 लाख किसानों के खातों में 10000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि अंतरण कर उन्हें आर्थिक संबल प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने नागरिकों से आगामी जनगणना में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि सही आंकड़े ही सटीक विकास योजनाओं का आधार बनते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के तहत प्रदेशभर में शिविर आयोजित कर समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है तथा रुपए 757 करोड़ के बिजली बिल माफ किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में राज्य में नक्सल समस्या के समाधान की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिससे अब दूरस्थ क्षेत्रों में भी तेजी से विकास कार्य संभव हो पा रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आज जिन 774 सडक़ों का शिलान्यास किया गया है, उनका निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होगा। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश में 1300 से अधिक सडक़ों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों में भी सडक़ निर्माण तेजी से किया जा रहा है, जिससे ये क्षेत्र भी मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्य में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू कर अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं।
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती निहारिका बारीक ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के फेज-04 के अंतर्गत राज्य में 3065 सडक़ विहीन बसाहटों का चिन्हांकन किया गया है। बैच-2 में 1000 बसाहटों के लिए 2684 किलोमीटर लंबाई की 975 सडक़ों का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है, जबकि शेष 1284 बसाहटों के लिए डीपीआर तैयार किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पीएम-जनमन योजना के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों के लिए 2902 किलोमीटर लंबाई की 807 सडक़ों एवं 123 वृहद पुलों के निर्माण हेतु रुपए 2477 करोड़ की स्वीकृति प्राप्त हुई है, जिनसे 871 बसाहटें लाभान्वित होंगी। अब तक 1735 किलोमीटर लंबाई की 356 सडक़ें पूर्ण कर 356 बसाहटों को जोड़ दिया गया है।
प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के अंतर्गत अब तक कुल 47,847 किलोमीटर लंबाई की 10,119 सडक़ों एवं 581 वृहद पुलों को स्वीकृति प्राप्त हुई है, जिनमें से 42,250 किलोमीटर लंबाई की 8713 सडक़ें और 444 पुल पूर्ण किए जा चुके हैं। जशपुर जिले में इस योजना के तहत कुल 77 सडक़ों का निर्माण किया जाएगा, जिनकी लंबाई 197.26 किलोमीटर तथा लागत 196.20 करोड़ है। विभिन्न विकासखंडों में इन सडक़ों का निर्माण चरणबद्ध रूप से किया जाएगा, जिससे जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा सुदृढ़ होगी और स्थानीय विकास को गति मिलेगी। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
ग्रामीण विकास को नई रफ्तार : प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में बिछेगा सडक़ों का जाल
2426 किमी सडक़ निर्माण का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया शिलान्यास, एक साथ 774 सडक़ों का भूमिपूजन, 781 बसाहटों को मिलेगा पक्का सडक़ संपर्क



