सक्ती। जिले के डभरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल को हुए भीषण बायलर विस्फोट मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 20 श्रमिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 15 घायल श्रमिकों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है।
जानकारी के अनुसार, 14 अप्रैल 2026 को दोपहर 2.33 बजे वेदांता पावर प्लांट के बायलर-01 में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ, जिससे प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास काम कर रहे कई श्रमिक उसकी चपेट में आ गए। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी डभरा निरीक्षक राजेश पटेल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और राहत व बचाव कार्य शुरू कराया गया। घटना में गंभीर रूप से घायल श्रमिकों को तत्काल रायगढ़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल, अपेक्स अस्पताल, मेट्रो अस्पताल सहित अन्य चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 20 श्रमिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 15 घायल श्रमिकों का उपचार जारी है। जिला प्रशासन द्वारा मृतकों और घायलों के परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।
तकनीकी जांच में सामने आई बड़ी लापरवाही
प्रारंभिक जांच में बायलर मुख्य निरीक्षक की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बायलर फर्नेस के भीतर अत्यधिक मात्रा में ईंधन जमा हो गया था, जिसके कारण अचानक दबाव अत्यधिक बढ़ गया और बायलर में भीषण विस्फोट हो गया। दबाव बढऩे से बायलर का निचला पाइप अपनी निर्धारित स्थिति से हट गया और इसी के साथ विस्फोट ने भयावह रूप ले लिया। इसी तरह एफएसएल सक्ती की रिपोर्ट में भी पुष्टि की गई है कि ईंधन के अत्यधिक संचय और उससे उत्पन्न दबाव ही विस्फोट की मुख्य वजह रहा।
निदेशक सहित अधिकारियों पर मामला दर्ज
पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के निर्देश पर वेदांता कंपनी के निदेशक अनिल अग्रवाल, कंपनी प्रबंधक देवेन्द्र पटेल सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर थाना डभरा में अपराध क्रमांक 119/2026 के तहत धारा 106(1), 289, 3(5) बीएनएस में मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है।
दबाव 1 से 2 सेकेंड के अंदर बढ़ा
विभाग के अनुसार, हादसा 14 अप्रैल को दोपहर 2.33 बजे हुआ। उस समय 2028 टीपीएच क्षमता वाले विशाल वाटर ट्यूब बॉयलर में फर्नेस प्रेशर (भ_ी का दबाव) तेजी से बढ़ा। यह दबाव 1 से 2 सेकेंड के अंदर बढ़ा, जिससे सिस्टम को बंद करना या किसी तकनीकी खराबी को रोकना संभव नहीं था। दबाव इतना तेज था कि अंदरूनी विस्फोट हुआ और इसकी चपेट में बाहरी पाइपलाइन भी आ गई। जांच में सामने आया है कि 1 घंटे में दोगुना उत्पादन करने के लिए बॉयलर का लोड तेजी से बढ़ाया गया। लोड 350 मेगावाट से बढ़ाकर लगभग 590 मेगावाट किया गया। यह वृद्धि बहुत कम समय में की गई। इसके साथ ही पीए फैन में बार-बार खराबी, अनबर्न फ्यूल से प्रेशर बनना, पाइपिंग सिस्टम का फेल होना और बेकअप का समय पर काम नहीं करने का भी जिक्र है। कलेक्टर अमृत विकास टोपनो ने भी मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। 30 दिन के अंदर इसकी रिपोर्ट भी मांगी गई है।
जांच के लिए गठित की गई विशेष टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की है। इस टीम में एसडीओपी सुमित गुप्ता, फोरेंसिक अधिकारी सृष्टि सिंह तथा थाना प्रभारी डभरा राजेश पटेल शामिल हैं। पुलिस तकनीकी विशेषज्ञों के साथ मिलकर पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हादसे की प्रमुख बातें
- 14 अप्रैल 2026 को दोपहर 2.33 बजे हुआ विस्फोट।
वेदांता पावर प्लांट के बायलर-01 में हुआ हादसा।
20 श्रमिकों की मौत, 15 घायल
रायगढ़ के विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी।
तकनीकी जांच में ईंधन संचय और दबाव बढऩे की पुष्टि
कंपनी निदेशक सहित कई अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज।
इन धाराओं में मामला दर्ज
- धारा 106(1) बीएनएस -लापरवाही से मृत्यु कारित करना
धारा 289 बीएनएस -मशीनरी संचालन में लापरवाही
धारा 3(5) बीएनएस – सामूहिक दायित्व से जुड़ा अपराध।
इन बिंदुओं पर होगी जांच
- घटना कब और कैसे हुई
घटना के लिए कौन जिम्मेदार हैं।
घटना का तकनीकी या मानवीय क्या कारण है।
हादसे वाले दिन कौन-कौन मजदूर कार्यरत थे, किनकी मौत हुई, कौन घायल हुए।
प्रशासनिक अधिकारियों ने कब कब प्लांट का निरीक्षण किया, क्या कोई खामियां मिली थी, यदि हां तो क्या कार्रवाई की गई।
भविष्य में इस प्रकार की घटना ना हो, इस रोकने के उपाय और सुझाव।
ज्यादा फ्यूल जमा होने के कारण प्रेशर बना
औद्योगिक सुरक्षा विभाग के बॉयलर इंस्पेक्टर उज्जवल गुप्ता और उनकी टीम ने बुधवार को लगभग 6 घंटे तक घटना स्थल की जांच की। शाम 8 बजे रिपोर्ट एसपी प्रफुल्ल ठाकुर को सौंपी गई। जांच में सामने आया कि बायलर फर्नेस के अंदर ज्यादा मात्रा में फ्यूल जमा हो जाने के कारण तेज प्रेशर बना। दबाव के कारण बायलर का निचला पाइप अपनी निर्धारित स्थिति से हट गया। जिस वजह से ब्लास्ट हुआ। स्नस्रु की रिपोर्ट में भी यही कारण बताया गया है। जांच में यह भी पाया गया कि मशीनों के रखरखाव और संचालन में लापरवाही बरती गई। एसपी के निर्देश पर एएसपी पंकज पटेल के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई है, जो पूरे मामले की जांच कर रही है।



