पुसौर। शिक्षा के क्षेत्र में अपने नाम के अनुरूप गुणों की छाप छोडऩे वाले शासकीय माध्यमिक शाला पंचपारा के प्रधान पाठक गुणमणी गुप्ता का अधिवार्षिकी सेवा पूर्ण होने पर भव्य विदाई सह सम्मान समारोह आयोजित किया गया। जिस शाला से उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की थी, उसी शाला से प्रधान पाठक के रूप में उनकी विदाई भावुक और गौरवपूर्ण क्षणों की साक्षी बनी।
कलश स्थापना और गाजे-बाजे के साथ आत्मीय स्वागत
समारोह का शुभारंभ 13 अप्रैल 2026 को शाला प्रांगण में हुआ। विद्यालय के मुख्य द्वार पर रंगोली सजाकर और कलश स्थापना कर श्री गुप्ता जी का भव्य स्वागत किया गया। डीजे और पुष्प वर्षा के बीच उन्हें समारोह स्थल तक लाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के पूजन और स्कूली बच्चों द्वारा दी गई शानदार शारदा वंदना के साथ हुई।
महिला शिक्षिकाओं का ‘ड्रेस कोड’ रहा विशेष आकर्षण
श्री गुप्ता जी के सरल और मिलनसार व्यक्तित्व के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए संकुल की सभी महिला शिक्षिकाएं एक विशेष ड्रेस कोड (समान परिधान) में उपस्थित हुईं। यह एकता और सम्मान का अनूठा उदाहरण क्षेत्र में चर्चा का विषय रहा।
उपलब्धियों से भरा रहा कार्यकाल
वक्ताओं ने बताया कि श्री गुप्ता के मार्गदर्शन में विद्यालय के अनेक छात्रों ने ‘प्रयास विद्यालय’ और ‘राष्ट्रीय साधन सह प्राविण्य छात्रवृत्ति’ जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की। उनके 40 वर्षों के बेदाग सेवाकाल को शिक्षा विभाग के लिए एक मिसाल बताया गया।
प्रमुख अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
समारोह में मुख्य रूप से जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हेमलता चौहान, नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मानी मोहित सतपथी, बीईओ शैलेश देवांगन, पूर्व बीईओ दिनेश पटेल, भाजपा मंडल अध्यक्ष जेमिनी गुप्ता, और प्राचार्य बी पटेल उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने श्री गुप्ता जी को स्मृति चिन्ह और अभिनंदन पत्र भेंट कर उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।
आशीर्वचन और विदाई
अपने विदाई उद्बोधन में गुणमणी गुप्ता भावुक नजर आए। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, नियमितता और गुरु-भक्ति का संदेश दिया। उन्होंने कहा, ’शिक्षण केवल पेशा नहीं, बल्कि भविष्य गढऩे का संकल्प है।’ कार्यक्रम के अंत में बाजे-गाजे के साथ उन्हें ससम्मान उनके निवास तक पहुँचाया गया, जहाँ स्नेह भोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन कुलमणी महानंदिया द्वारा किया गया। इस अवसर पर संकुल समन्वयक श्रवण साव, दुरेंद्र नायक सहित भारी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और शिक्षा विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।



