खरसिया। रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी जी के निर्देशानुसार आगामी जनगणना को सुव्यवस्थित और त्रुटिहीन ढंग से संपन्न कराने के लिए शासन-प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है।
इसी क्रम में आज खरसिया एसडीएम प्रवीण तिवारी और तहसीलदार संदीप राजपूत ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक ली और प्रगणकों को दिए जा रहे प्रशिक्षण स्थल का निरीक्षण किया। बताते चलें कि राज्य में 1 मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण और हाउसिंग सेंसस का पहला चरण चलेगा. पहली बार यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल मोड और सेल्फ एन्यूमरेशन के विकल्प के साथ होगी. पहले चरण में 1 मई से 30 मई 2026 तक प्रगणक (डेटा इक_ा करने वाला कार्यकर्ता) घर-घर जाकर मकानों और परिवारों की जानकारी जुटाएंगे. इस दौरान मकान की स्थिति, निर्माण का प्रकार, पानी-बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं, परिवार की संरचना और उपलब्ध परिसंपत्तियों से जुड़ी जानकारी दर्ज की जाएगी. गृह विभाग ने इस चरण को राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया है, क्योंकि यही डेटा आगे जनसंख्या गणना के दूसरे चरण की नींव बनेगा. खरसिया में जनगणना का कार्य एसडीएम प्रवीण तिवारी के नेतृत्व में किया जा रहा है। इसी क्रम में आज पीएम श्री आत्मानन्द स्कूल में प्रगणकों को जनगणना के संबंध में मास्टर ट्रेनरो द्वारा ट्रेनिंग दी गई। एसडीएम प्रवीण तिवारी, तहसीलदार संदीप राजपूत और विकासखंड शिक्षा अधिकारी एलएन पटेल ने प्रगणकों को जनगणना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। इस संबंध में एसडीएम प्रवीण तिवारी ने कहा सभी नागरिक अपनी सही जानकारी जनगणना करने वालों को दे जिससे भविष्य की विकास योजनाओं के लिए मजबूत आधार तैयार हो सके. विभाग का जोर इस बात पर है कि आंकड़े पूरी तरह सटीक और भरोसेमंद हों, इस पर पूरी तरह निगरानी रखते हुए हमारे द्वारा लगातार बैठकें और ट्रेनिंग सेशन आयोजित किए जा रहे हैं ताकि कोई भी ग्रामीण और शहरी क्षेत्र सर्वे में छूटने न पाए। उन्होंने जनगणना करने वाले कर्मचारियों से संवाद करते हुए कहा कि फील्ड में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए एक हेल्पडेस्क भी बनाया जाएगा साथ ही किसी भी प्रकार की जानकारी लेने या समस्या निवारण के लिए सीधे मुझसे संपर्क कर सकते हैं।
खरसिया में जनगणना 2027 की महातैयारी, 1 मई से घर-घर उतरेगा प्रशासन



