पखांजुर। छोटेबेटिया क्षेत्र के घने जंगल एक बार फिर गोलियों की गूंज से दहले, जब सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच आमना-सामना हुआ। इस मुठभेड़ में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है, जहां एक इनामी महिला माओवादी कमांडर को मार गिराया गया।
पुलिस को माचपल्ली-आरामझोरा-हिडूर इलाके में माओवादियों की मौजूदगी की सटीक सूचना मिली थी। इसके बाद रणनीति के तहत सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। जंगलों में तलाशी के दौरान घात लगाकर बैठे माओवादियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी मोर्चा संभालते हुए मुंहतोड़ जवाब दिया, जिससे दोनों ओर से जबरदस्त गोलीबारी हुई। मुठभेड़ के बाद जब हालात काबू में आए, तो सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके में सघन सर्चिंग अभियान चलाया। इस दौरान एक महिला माओवादी का शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान एरिया कमेटी मेंबर (्रष्टरू) रूपी के रूप में हुई है। रूपी पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
जानकारी के मुताबिक, रूपी संगठन की सक्रिय और प्रभावशाली कमांडर थी, जो लंबे समय से बस्तर क्षेत्र में सक्रिय रही। वह डीकेएसजेडसी सदस्य विजय रेड्डी की पत्नी थी, जो वर्ष 2025 में मानपुर मोहला क्षेत्र में मुठभेड़ में मारा गया था। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि रूपी बस्तर में सक्रिय अंतिम तेलुगू माओवादी कैडर थी, जिसकी मौत को संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। मुठभेड़ स्थल से एक पिस्टल, भारी मात्रा में गोला-बारूद और सतरह हजार कैश और नक्सली सामग्री बरामद की गई है।
इससे संकेत मिलता है कि माओवादी किसी बड़ी वारदात की तैयारी में थे। फिलहाल पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया गया है। इधर, कांकेर पुलिस इससे पूर्व में भी लगातार माओवादियों से आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने की अपील कर चुकी है। बीते महीनों में कई नक्सलियों ने इस अपील को स्वीकार कर पुनर्वास का रास्ता चुना है। कांकेर एसपी निखिल अशोक कुमार रखेचा ने सक्रिय नक्सलियों चंदर कतलाम, जानकी, दासु समेत अन्य से अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोडक़र नजदीकी थाने में आत्मसमर्पण करें और सुरक्षित, सम्मानजनक व शांतिपूर्ण जीवन की ओर कदम बढ़ाएं।
ढेर हुई इनामी महिला कमांडर रूपी, सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी



