सारंगढ़। छग सरकार द्वारा महतारी वंदन योजना को पूरे प्रदेश में सफल बनाने के लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में महिलाओं का समय-समय पर ई-केवाईसी कराना अनिवार्य किया गया है, जिसे सरकार द्वारा पूरी तरह नि:शुल्क बताया गया है पर
जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। सारंगढ़ जिले में इस योजना का लाभ लगभग 2 लाख 55 हजार महिलाओं को मिल रहा है, वहीं बड़ी संख्या में महिलाएं अब भी योजना से वंचित हैं और नाम जुड़वाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। जिकां कमेटी के महामंत्री गोपाल बाघे ने आरोप लगाया है कि ई-केवाईसी के नाम पर च्वाइस सेंटरों में प्रत्येक महिला से 50 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। उन्होंने कहा की सरकार एक ओर इस प्रक्रिया को नि: शुल्क बताती है, वहीं दूसरी ओर गरीब महिलाओं से पैसे लिए जा रहे हैं, जो पूरी तरह गलत है।
यदि जिले की सभी हितग्राही महिला से यह राशि ली जा रही है, तो करीब 1 करोड़ 27 लाख 50 हजार रुपये की खुली वसूली हो रही है।सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इस पूरे मामले में अधिकारी मौन बने हुए हैं और अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। गोपाल बाघे ने मांग की है कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्रों में आंबा कार्यकर्ता के निगरानी में शिविर लगाकर नि:शुल्क ई – केवाईसी की व्यवस्था की जाए, ताकि महिलाओं को परेशानी न हो और वे अवैध वसूली का शिकार न बनें। साथ ही प्रशासन से इस मामले की तत्काल जांच कर दोषी च्वाइस सेंटर संचालकों व संबंधित अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है। ताकि योजना का लाभ बिना किसी शोषण के महिला तक पहुंचे।
महतारी वंदन योजना में ई-केवाईसी के नाम पर लूट, जिम्मेदार अधिकारी मौन



