रायगढ। खरसिया विकासखण्ड में शनिवार 11 अप्रैल को सभी प्राथमिक शालाओं में ‘पढ़ई तिहार’ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ‘अंगना में शिक्षा’ अभियान के तहत कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देशन में संपन्न हुआ। जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. के.व्ही. रॉव और जिला मिशन समन्वयक आलोक स्वर्णकार ने इसका नेतृत्व किया। कार्यक्रम में समुदाय के प्रति शिक्षा के महत्व को लेकर जागरूकता बढ़ाते हुए ‘पढ़ई तिहार’ के जरिए बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियों, नवाचारों और शिक्षण पद्धतियों का प्रदर्शन किया गया। इसका उद्देश्य समुदाय में शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना और अभिभावकों की सहभागिता को मजबूत करना है। जिले की सभी प्राथमिक शालाओं में आयोजित इस कार्यक्रम से शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक संदेश प्रसारित हुआ है। यह भविष्य में बच्चों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
समर कैम्प का आयोजन घरों में..
इस बार ‘पढ़ई तिहार’ में कुछ बदलाव किए गए हैं। बढ़ती गर्मी को देखते हुए इसकी तिथि 25 अप्रैल से बदलकर 11 अप्रैल कर दी गई थी। साथ ही समर कैंप का आयोजन अब स्कूलों के बजाय घरों में ही किया जाएगा, जिसमें माताएं बच्चों का सहयोग करेंगी। इस कार्यक्रम की जानकारी प्रदीप कुमार साहू,विकास खण्ड स्त्रोत समन्वयक,समग्र शिक्षा ने दी है।
बच्चों को आनंददायी माहौल में मिले शिक्षा
अंगना में शिक्षा’ एक नई पहल है, जिसका उद्देश्य बच्चों को घर और आंगन के वातावरण में सरल और आनंददायक तरीके से शिक्षा देना है। यह अभियान अभिभावकों, खासकर माताओं की भागीदारी सुनिश्चित करता है, ताकि वे बच्चों की सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से सहयोग कर सकें। इस पहल से बच्चों की बुनियादी साक्षरता और गणनात्मक कौशल (स्नरुहृ) मजबूत होते हैं। साथ ही, यह शिक्षा के प्रति एक सकारात्मक माहौल भी तैयार करती है।
प्राथमिक शालाओं में हुआ ‘पढ़ई तिहार’ का आयोजन
नवाचारों के जरिए बताया गया शिक्षा का महत्व



