जशपुरनरग। रविवार को राज्यपाल रमेन डेका का जशपुर पहुंचे। उन्होंने जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और जनजातीय विकास से जुड़े अहम निर्देश दिए। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण पर्यटन, महिला सशक्तिकरण और धार्मिक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी की। बैठक में संभावित टीबी मरीजों की पहचान, सिकल सेल बीमारी की रोकथाम और महिलाओं में स्तन कैंसर की जांच व बेहतर इलाज सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। गंभीर मरीजों को रायपुर, अंबिकापुर और एम्स जैसे बड़े संस्थानों में रेफर करने के निर्देश भी दिए गए।
टीबी, सिकल सेल और स्तन कैंसर जांच पर जोर
राज्यपाल ने रेड क्रॉस सोसायटी को गांव-गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाने और बच्चों को नशे से दूर रखने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें असम और ओडिशा भेजकर हस्तशिल्प, नए डिजाइन सीखने की पहल को बढ़ावा देने की बात कही। जशपुर की ‘लखपति दीदी’ लालमणि प्रजापति के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें राजभवन में सम्मानित करने की घोषणा भी की गई। पर्यावरण संरक्षण के संबंध में राज्यपाल ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। इसी क्रम में उन्होंने सर्किट हाउस स्थित मातृत्व वन में सीता अशोक का पौधा रोपित किया। लगभग 2 एकड़ क्षेत्र में फैले इस वन में 400 से अधिक प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं, जो पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक संवेदनाओं का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। राज्यपाल ने कहा कि यह पहल आने वाली पीढिय़ों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और मातृत्व के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करेगी।
कृषि सुधार और जल संरक्षण पर विशेष ध्यान
कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए किसानों को जैविक खेती, वर्मी कम्पोस्ट और आधुनिक तकनीकों के उपयोग के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए। जल संरक्षण के तहत डबरी निर्माण, पुराने कुओं का जीर्णोद्धार, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, अमृत सरोवर, सोकपिट निर्माण जैसे कार्यों को गति देने पर जोर दिया गया। वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयुष्मान कार्ड बनाने और योग को बढ़ावा देने की बात भी कही गई।
ग्रामीण पर्यटन और स्थानीय उत्पादों को मिला बढ़ावा
राज्यपाल ने देशदेखा के पास केरेगांव में विकसित होम-स्टे का भ्रमण किया और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने वाली पहल की सराहना की। स्थानीय महिलाओं के पारंपरिक व्यंजन जैसे महुआ रोटी, चीला, पीठा का स्वाद लिया। ‘जसक्राफ्ट’ ब्रांड के तहत बनाए जा रहे हस्तशिल्प उत्पादों की प्रशंसा की। एडवेंचर स्पोर्ट्स, खासकर रॉक क्लाइंबिंग को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए।
सोगड़ा आश्रम में पूजा-अर्चना, संतों से मुलाकात
प्रवास के दौरान राज्यपाल मनोरा विकासखंड के सोगड़ा स्थित अघोर संत भगवान अवधूत राम के आश्रम पहुंचे। मां काली की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। गुरुपद संभव राम बाबा से भेंट कर आश्रम की गतिविधियों की जानकारी ली।



