रायपुर। सरस्वती नगर थाना निवासी स्वास्थ्य विभाग के सलाहकार को साइबर ठगों ने वर्क फ्रॉम होम काम देने का झांसा देकर 1 लाख 86 हजार की ठगी कर ली। साइबर अपराधियों ने रजिस्ट्रेशन और टास्क के नाम पर पैसे ट्रांसफर कराए और फिर वापस नहीं दिए। पैसे वापस नहीं मिलने पर पीडि़त ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पीडि़त का नाम पुलिस ने अविनाश शराफ बताया है।
सरस्वती नगर पुलिस के अनुसार, पीडि़त अविनाश शराफ 8 मार्च 2026 को फेसबुक चला रहा था, तभी उसे पार्ट टाइम इनकम से जुड़ा एक विज्ञापन दिखा। लिंक पर क्लिक करते ही उसे एक वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराया गया और व्हाट्सएप के ‘व्हीआईपी ग्रुप’ में जोड़ दिया गया। शुरुआत में ठगों ने भरोसा जीतने के लिए 200 रुपए का टास्क पूरा करवाया और बदले में 300 रुपए वापस भी दिए। इसके बाद बड़े मुनाफे का लालच देकर लगातार टास्क दिए गए। टास्क पूरा करने के नाम पर पीडि़त से अलग-अलग किश्तों में 37 हजार, 50 हजार और फिर 1 लाख रुपए तक ट्रांसफर करा लिए गए।
ठगों ने कुल 3.11 लाख रुपए मिलने का झांसा दिया, लेकिन खाते में सिर्फ 5 हजार रुपए ही आए। बाकी रकम के लिए बार-बार पूछने पर तकनीकी समस्या का बहाना बनाया गया और और पैसे जमा करने का दबाव बनाया गया। इस तरह पीडि़त से कुल 1.82 लाख रुपए की धोखाधड़ी कर ली गई। मामले की शिकायत मिलने के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन टास्क के नाम पर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले ऐसे ऑफर्स से सतर्क रहें और किसी भी अनजान लिंक या ऐप पर अपनी निजी जानकारी या पैसे ट्रांसफर न करें। अगर कोई आपको बिना इंटरव्यू के 30-50 हजार रुपए महीना घर बैठे कमाने का ऑफर दे रहा है तो यह 99त्न स्कैम है। कंपनियां बिना वेरिफिकेशन इतनी बड़ी सैलरी ऑफर नहीं करती हैं।
अगर कोई जॉब के बदले 500 या 1000 रुपए रजिस्ट्रेशन या ट्रेनिंग फीस के नाम पर मांगे तो सावधान हो जाएं। असली कंपनियां कभी एडवांस पैसे नहीं मांगती हैं। अगर टेलीग्राम पर कोई लिंक भेजकर किसी ऐप को डाउनलोड करने को कहे तो क्लिक न करें। इससे आपके फोन का डेटा या पैसा चोरी हो सकता है। कंपनी का जॉब ऑफर मिलने पर उसका ऑफिशियल वेबसाइट, ईमेल और सोशल मीडिया हैंडल चेक करें। जीमेल, याहू या व्हाटसएप से भेजे गए ऑफर आमतौर पर फर्जी होते हैं। कभी भी अपने बैंक डिटेल, आधार नंबर, पैन कार्ड, फोटो, ओटीपी या पासवर्ड किसी अनजान टेलीग्राम कॉन्टैक्ट को न भेजें। ये जानकारी आपकी पहचान और पैसे के साथ खिलवाड़ कर सकती है।
स्वास्थ्य विभाग के राज्य सलाहकार से 1.86 लाख की ऑनलाईन ठगी
साइबर ठगों ने रजिस्ट्रेशन के नाम पर पैसे ट्रांसफर कराए



