खरसिया। धर्मनगरी खरसिया में आज हनुमान जन्मोत्सव का पर्व अपार उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। खरसिया नगर के पुरानी बस्ती हनुमान चौक के हनुमान मंदिर, सिद्ध हनुमान मंदिर तेलीकोट, पंचमुखी श्री हनुमान मंदिर पहाड़ मंदिर, श्री शिव मंदिर स्टेशन चौक, श्री राम मंदिर, श्री हनुमान शिव मंदिर मछली तालाब, श्री हनुमान मंदिर संजय नगर, सहित सभी मंदिरों में विशेष आरती पूजन किया गया जिसमें श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा संध्याकालीन सभी मंदिरों में भंडारा रूपी प्रसाद का वितरण किया गया। आज संपूर्ण खरसिया नगरी श्रीराम भक्त हनुमान की भक्ति के रस में सराबोर रही।
निशान यात्रा के साथ गंजबाजार स्थित सिद्ध मंदिर से निकली विशाल शोभायात्रा इस अवसर पर शहर में एक विशाल और भव्य शोभायात्रा नगर के 140 वर्ष पुराने मनोकामना पूर्ण करने वाले श्री सिद्ध हनुमान मंदिर से निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में भक्त निशान लेकर शामिल हुए। पूरा शहर ‘जय श्री राम’ और ‘जय हनुमान’ के जयघोष से गुंजायमान रहा। केसरी ध्वज से पटा शहर शोभायात्रा का शुभारंभ गंजबाजार स्थित सिद्ध श्री हनुमान मंदिर में विशेष पूजा अर्चना और आरती के साथ हुआ। जिसमें भक्त मनोकामना निशान लेकर सम्मिलित हुए। शहर के मुख्य मार्गों से गुजरती इस यात्रा में शामिल श्रद्धालु हाथों में केसरी ध्वज थामे झूमते नजर आए। जगह-जगह पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। आकर्षण का केंद्र रहीं झाँकियाँ शोभायात्रा में भगवान हनुमान के विभिन्न स्वरूपों और रामायण प्रसंगों पर आधारित सजीव झाँकियाँ आकर्षण का मुख्य केंद्र रहीं। जगह-जगह हुआ स्वागत शोभायात्रा के मार्ग में विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा स्वल्पाहार, शरबत और शीतल जल की व्यवस्था की गई थी। गंज बाजार और मुख्य चौक-चौराहों पर स्वागत द्वारों से शहर को सजाया गया था। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कार्यक्रम की विशालता को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए रूट डायवर्ट किए गए थे और पुलिस बल चप्पे-चप्पे पर तैनात रहा। इस अवसर पर मनोज गोयल ने कहा कि हनुमान जन्मोत्सव पर खरसिया की यह एकता और भक्ति देखते ही बनती है। यह आयोजन न केवल धार्मिक है बल्कि हमारे आपसी भाईचारे का प्रतीक भी है।
धूमधाम से निकली हनुमान जन्मोत्सव की भव्य शोभायात्रा
शहर के सभी हनुमान मंदिरों में की गई विशेष पूजा अर्चना लगे भंडारे



