सुकमा/कांकेर। सुकमा जिले में जवानों ने एक नक्सली कमांडर को मार गिराया है। 29 मार्च की सुबह पोलमपल्ली जंगल में पुलिस और नक्सलियों के बीच में मुठभेड़ हुई। जहां सुरक्षाबलों की ओर से हुई फायरिंग में 5 लाख का ईनामी नक्सली ढेर हुआ।
मामला पोलमपल्ली थाना क्षेत्र का है। मारा गया नक्सली प्लाटून नं-31 सेक्शन कमांडर पीपीसीएम मूचाकी कैलाश है। वह पूलनपाड़ थाना चिंतलनार जिला सुकमा का रहने वाला था। आम नागरिकों की हत्या, हमले और ढ्ढश्वष्ठ ब्लास्ट की साजिश में वांटेड था। फिलहाल जवानों का सर्च ऑपरेशन जारी है।
वहीं, एक दिन पहले कांकेर जिले में 3 नक्सलियों ने सरेंडर किया। आत्मसमर्पण की सूचना जब पुलिस को मिली तो परतापुर थाने में पदस्थ स्ढ्ढ रामेश्वर चतुर्वेदी खुद उन्हें लेने जंगल पहुंचे थे। जहां सरेंडर से पहले जंगल में नक्सलियों कों खाना खिलाया। इसका वीडियो भी सामने आया है। नक्सली खात्में की डेडलाइन में अब सिर्फ 2 दिन ही बचे हैं। बस्तर रेंज के आईजी सुन्दरराज पट्टलिंगम ने शेष नक्सलियों से अपील की है कि समझदारी से वे सब सरेंडर कर दें। सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि, जंगल में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर डीआरजी टीम ने आज सुबह सर्च ऑपरेशन शुरू किया। नक्सलियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग हुई है। सर्चिंग के दौरान एक नक्सली का शव और हथियार बरामद हुआ है। कांकेर जिले में 28 मार्च को परतापुर एरिया कमेटी के 3 नक्सलियों ने सरेंडर किया। इससे पहले वे जंगल में भूखे प्यासे घूम रहे थे। इसकी सूचना जब परतापुर पुलिस को मिली तो उन्होंने नक्सलियों के लिए खाने पीने की व्यवस्था की। एसआई रामेश्वर चतुर्वेदी खुद जंगल पहुंचे थे। समर्पण से पहले नक्सलियों को भर पेट भोजन कराया। तीनों नक्सलियों ने दो एसएलआर और एक भरमार के साथ जंगल के रस्ते थाने पहुंचे और आत्मसमर्पण किया। इसके बाद राधिका कुंजाम, संदीप कडिय़ाम और रैनु पद्मा ने परतापुर थाना पहुंचकर आत्मसमर्पण किया।
गृहमंत्री बोले- बदलाव के लिए बंदूक छोड़े
गृहमंत्री विजय शर्मा ने नक्सलियों को कहा था कि, हाथ में बंदूक रखकर जंगल में ना घूमे। हमारे शिक्षादूतों का गला ना काटे। नदी तालाब सडक़ किनारे आईईडी ना बिछाए। हमारे सविंधान को चुनौती ना दें। बदलाव चाहते हैं तो समाज में जनता का बहुमत प्राप्त करें।
सुकमा के पोलमपल्ली जंगल में एनकाउंटर, 1 नक्सली ढेर
हमले करने में आईईडी ब्लास्ट का मास्टरमाइंड था



