रायगढ़। रात होते ही शहर की सडक़ों पर भारी वाहनों का रेलम-पेल फिर से शुरू हो गया है, साथ ही जुर्माने से बचने के लिए वाहन चालक तेज गति से वाहनों को निकाल रहे हैं। इससे रात के समय हादसे का खतरा बढ़ गया है। वहीं सुबह होते तक सडक़ में गिट्टी से लेकर कोयले व अन्य रॉ-मटेरियल बिखरा नजर आ रहा है। इसको लेकर सडक़ किनारे के रहवासियों की चिंता बढऩे लगी है।
उल्लेखनीय है कि विगत लंबे समय से केलो नदी पर स्थित गोबर्धनपुर पुल क्षतिग्रस्त हालत में पड़ा हुआ है, हालांकि इस स्थिति में भारी वाहनों के लिए अलग से रुट चार्ट दिया गया है, लेकिन डीजल बचाने के चक्कर में चालक रात होते ही शहर की सडक़ों से वाहनेां को निकालने लगे हैं, हालांकि पूर्व में इसका विरोध होने के बाद काफी दिनों तक बंद हो गया था, लेकिन अब फिर से विगत सप्ताहभर से चालू हो गया है। ऐसे में अब रात दो बजे के बाद बोइरदादर चौक से लेकर चक्रधरनगर चौक तक वाहनों की कतार आसानी से देखी जा सकती है, लेकिन इसके बाद भी इन वाहन चालकों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। इसके चलते अब फिर से हादसे का खतरा बढ़ गया है। वहीं स्थानीय लोगों की मानें तो रात में चलने वाली वाहनों की रफ्तार काफी तेज रहती है, इससे जहां-जहां ब्रेकर बना है वहां सुबह होते तक गिट्टी व अन्य सामग्री सडक़ में फैले आसानी से देखा जा सकता है। इसको लेकर अब हादसे का खतरा फिर से सताने लगा है, वहीं यह भी कहा जा रहा है कि रात में चलने वाले वाहन चालक तेज गति से वाहन चलाते हैं, ऐसे में यह भय बना रहता है कि कहीं यह वाहन किसी के मकान या दुकान में न घुस जाए, हालांकि इस तरह के हादसे अमुमन देखने को मिलता है। ऐसें ऐसे वाहन चालकों पर कड़ी कारवाई होनी चाहिए, ताकि शहर में न घुसकर बाइपास मार्ग से ही भारी वाहन निकले।
उल्लेखनीय है कि इन दिनों ज्यादातर भारी वहन कबीर चौक से जुटमिल थाना होते हुए चक्रधरनगर चौक और बोइरदादर होते हुए तमनार की तरफ निकल रही है तो वहीं तमनार की तरफ से आने वाली वाहन बोईरदादर चौक होते हुए चक्रधरनगर चौक से कोई जामगां, तो कोई कबीर चौक व उर्दना चौक के लिए निकल रही है। इससे रात के समय चौक-चौराहों में इनकी कतार आसानी से देखी जा सकती है। वहीं बताया जा रहा है कि इन दिनों जो भी भारी वाहन शहर में घुस रही है वह दो बजे के बाद ही आती है, ताकि इस समय पुलिस का पहरा नहीं होने से आसानी से निकल सके।
दो दिन पहले पलटा था ट्रेलर
दो दिन पहले ही एक बेकाबू ट्रेलर चक्रधरनगर चौक में पलट गया था, इससे उसका मटेरियर सडक़ में पूरी तरह से फैल गया था, हालांकि इसकी सूचना मिलते ही वाहन को सुबह होते तक हटवा दिया गया, इससे यातायात प्रभावित नहीं हुआ, लेकिन अगर यही स्थिति रही तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसके साथ ही ओवरलोडिंग के चलते सडक़ें भी जल्दी खराब होगी, इससे शहरवासियों को फिर से परेशान होना पडग़ा। वहीं यातायात विभाग की मानें तो शहर में घुसने वाले भारी वाहनों पर लगातार चालानी कार्रवाई की जा रही है, लेकिन इसके बाद भी इनका आना कम नहीं हो रहा है। इसको लेकर अब पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। वहीं लोगों का कहना है कि अगर यही स्थिति रही तो कभी भी यह बेकाबू ट्रेलर दुकान व मकान में घुस जाएगी, जिससे जान माल को नुकसान हो सकता है। ऐसे में इस पर रोक लगाना बेहद जरूरी हो गया है।
रात होते ही शहर की सडक़ों पर मौत का वारंट लेकर दौड़ रही भारी वाहनें
जुर्माना लगाकर विभाग झाड़ रहा पल्ला



