रायगढ़, सडक़ दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों के लिए प्रधानमंत्री राहत स्कीम (सडक़ दुर्घटना पीडि़तों का नगदी रहित उपचार स्कीम 2025) लागू की गई है। इस योजना का उद्देश्य दुर्घटना के बाद ‘गोल्डन ऑवर’ में त्वरित और जीवनरक्षक उपचार उपलब्ध कराकर अधिकतम जानें बचाना है। स्कीम के अंतर्गत किसी भी श्रेणी की सडक़ पर मोटरयान के उपयोग से हुई दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल और अस्पताल में भर्ती होने योग्य पीडि़तों को दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 7 दिनों तक प्रति व्यक्ति 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार प्रदान किया जाएगा।
जिला परिवहन अधिकारी रायगढ़ ने जानकारी देते हुए बताया कि सडक़ परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी अधिसूचना 4 फरवरी 2025 के तहत् किसी भी श्रेणी की सडक़ पर मोटरयान के उपयोग के कारण होने वाली (वाहनों) सडक़ दुर्घटनाओं के पीडितों के नगदी रहित उपचार के लिए प्रधानमंत्री राहत स्कीम सडक़ दुर्घटना पीडितों का नगदी रहित उपचार स्कीम शुरू की गई है। इस स्कीम के तहत् दुर्घटना पीडि़त को दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 07 दिनों की अवधि के लिए प्रति पीडि़त अधिकतम 1.5 लाख रुपए तक उपचार पैकेज के अनुसार उपचार प्रदान करेगा। इस स्कीम के तहत् सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मोटरयान दुर्घटना निधि (कोष) की स्थापना की गई है, जिससे पीडितों की उपचार की व्यवस्था की जा सके। स्कीम के कार्यान्वयन के लिए निधि के दो खातों का उपयोग किया जायेगा, अर्थात (1) बीमाकृत यानों के लिए खाता (2) अबीमाकृत यान के लिए खाता।
इस स्कीम के तहत दुर्घटना के बाद गोल्डन ऑवर जो कि सडक़ दुर्घटना के बाद एक घंटा का समय होता है, इस महत्वपूर्ण समय में घायल व्यक्ति को प्राथमिक चिकित्सा या अस्पताल पहुंचाने से जान बचाने की संभावना सबसे अधिक होती है, जिसमें तुरन्त इलाज मिलने पर गंभीर क्षति को कम किया जा सकता है। इस जीवनरक्षक गोल्डन अॅवर के दौरान नि:शुल्क बिना किसी भुगतान के पीडि़त को समय पर अपातकालीन चिकित्सा उपलब्ध कराना है।.स्कीम के तहत् किसी भी सडक़ पर मोटरयान (सडक़ दुर्घटना) प्रयोग के कारण सडक़ दुर्घटना का पीडि़त कोई भी व्यक्ति जिसे अस्पताल में भर्ती होने जितनी चोटे लगी है. स्कीम के अधीन अधिकतम 1.5 लाख रुपए तक नगदी रहित उपचार पाने के लिए पात्र होगें। जिन पीडि़तों को दुर्घटना के समय से 24 घंटे के बाद पहली बार अस्पताल में भर्ती कराया गया है उन्हे इस स्कीम के अंतर्गत पात्र नहीं माना जाएगा।
रायगढ़ जिले में इस स्कीम के अंतर्गत वर्तमान में कुल 23 निजी अस्पताल एवं समस्त शासकीय अस्पताल जो कि एबी पीएम-जेएवाई अस्पताल है उन्हे सडक़ एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा संचालित ई-डीएआर पोर्टल में पंजीकृत किया गया है। दुर्घटना की स्थिति में पीडि़त के अस्पताल पहुंचते ही पीडि़त का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा एवं संबंधित थाने में दुर्घटना/पीडि़त के संबंध में 24 घंटे के भीतर सूचित करेंगें। संबंधित थाने के विवेचक अधिकारी दुर्घटना के संबंध में जानकारी ई-डीएआर पोर्टल में प्रविष्टि कर एक्सीडेंट आईडी जारी करेगें। तत्पश्चात् नगद रहित उपचार संबंधित कार्यवाही स्वास्थय विभाग के टीएमएस-2 पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। यदि किसी पीडि़त स्थानीय पुलिस द्वारा अस्पताल लाया जाता है, और ई-डीएआर पोर्टल पीडि़त आईडी तैयार की जाती है, तो नाम निर्दिष्ट अस्पताल दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 07 दिनों की अवधि के लिए प्रति पीडि़त अधिकतम 1.5 लाख रुपए तक उपचार पैकेज के अनुसार उपचार प्रदान करेगा।
इस स्कीम की क्रियान्वयन हेतु रायगढ़ जिले के पुलिस अधिकारियो, थाना प्रभारी एवं स्वास्थ्य विभाग को प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु लीड एजेन्सी पुलिस मुख्यालय द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम समय-समय पर सम्पन्न कराया जा रहा है जिसे ई-डीएआर पीडि़त आईडी का तुरन्त तैयार किया जा सके और पीडि़त के साथ एक पुलिस अधिकारी नियुक्त करते हुए दुर्घटना के 24 घंटे के भीतर नगर रहित इलाज की प्रक्रिया प्रारंभ की जा सके। इस तारतम्य में पुलिस अधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों को लीड एजेन्सी पुलिस मुख्यालय द्वारा 16 फरवरी 2026 को प्रात: 11 बजे सृजन सभाकक्ष में प्रशिक्षण का आयोजन किया जायेगा। स्कीम के क्रियान्वयन से उत्पन्न शिकायतों के निवारण के लिए जिला सडक़ सुरक्षा समिति द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल जगत, मो.न. 7389548695 को शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त किया गया है। यदि आवेदक शिकायत निवारण अधिकारी द्वारा शिकायत से संतुष्ट नहीं होते है, या शिकायत निवारण में देरी हो रही है, तो ऐसे शिकायतों को संबंधित जिला कलेक्टर के पास भेजा जाएगा।
आवश्यक शर्ते
पुलिस द्वारा अनुमोदित मामलों में 1.5 लाख रूपये एवं 07 दिवस तक का पूर्ण उपचार दिया जाएगा। दुर्घटना पश्चात् पीडि़त को अस्पताल में भर्ती करने के समय-समय 24 घंटे निर्धारित है। सडक़ दुर्घटना की पुष्टि के लिए जिला पुलिस के पास उपलब्ध समय-सीमा 24 से 48 घंटे निर्धारित है। जिला पुलिस द्वारा मामले को अन्य जिलो में स्थानांतरित करने की समय-सीमा 3 घंटे निर्धारित है। अति गंभीर की स्थिति में पूर्ण उपचार हेतु संबंधित अस्पताल हेतु 48 घंटे निर्धारित किया गया है। घायल अवस्था में उपचार हेतु स्थिति समान्य होते तक 24 घंटे का समय निर्धारित किया गया है।
रायगढ़ में 23 निजी अस्पताल पंजीकृत
स्कीम के तहत रायगढ़ में जिन 23 अस्पतालों को पंजीकृत किया गया है। इनमें जेएमजी मॉर्निंग स्टॉर हास्पिटल, ओपी जिंदल हॉस्पिटल, डॉ.आर.एल. हास्पिटल, रायगढ़ मेट्रो केयर हास्पिटल, अपेक्स सूपर स्पेशलिटी हास्पिटल, संजीवनी नर्सिंग होम, राजप्रिय हास्पिटल, सिद्धेश्वरी हास्पिटल, शिव हास्पिटल एण्ड डायग्नोस्टिक सेंटर, रायगढ़ आर्थों एवं जनरल हॉस्पिटल, पदमावती हास्पिटल, डॉ.आर.पटेल यूरोलाजी एण्ड मल्टी स्पेशलिस्ट, कान्हा हास्पिटल, श्री जनक हास्पिटल, उमा मेमोरियल सर्जिकल नर्सिंग होम, हरिकमल संजीवनी हेल्थ केयर, लोकेश हास्पिटल, अंकूल हास्पिटल, ग्लोबल हास्पिटल, गुरूदेव हास्पिटल, मॉ अम्बे नर्सिंग होम, गंगा स्मार्ट हास्पिटल एवं गंगा नर्सिंग होम शामिल है।



