रायपुर। प्रदेश की राजधानी में एक स्कूटी की डिक्की से 75 लाख कैश पकड़ाया है। जांच में पता चला है कि पूरा पैसा हवाले का था। रायपुर के ही रहने वाले मिलन शर्मा (25) जो पेशे से कलेक्शन एजेंट है। वह शुक्रवार रात (27 फरवरी) अलग-अलग इलाकों के कारोबारियों से पैसे कलेक्ट कर समता कॉलोनी पहुंचा था। साइबर पुलिस ने उसे वहीं पकड़ लिया। मामला आजाद चौक थाना क्षेत्र का है। जांच में गाड़ी की डिक्की से कैश निकले, लेकिन कोई वैध कागजात नहीं थे। जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। अब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की टीम इसकी जांच कर रही है। हवाला से जुड़े लोगों का भी पता लगाया जा रहा है। बता दें कि इससे पहले आमानाका इलाके में एक कार से पौने 4 करोड़ कैश मिला था। जो हवाले का था। वहीं, शहर के 15 ऐसे इलाके है जहां से हवाले का पूरा सिंडिकेट लगातार जारी है।
रायपुर शहर में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट एक्टिव है। जिसकी पैनी नजर अवैध गतिविधियों पर है। 27 फरवरी की रात कुछ सटोरियों को पकडऩे के लिए समता कॉलोनी, आजाक चौक इलाके में नाकेबंदी की गई थी। पुलिस और साइबर यूनिट दोनों तैनात थे। जो संदिग्ध वाहन और लोगों की जांच कर रहे थे। तभी मिलन शर्मा (25) अपनी स्कूटी से वहां से गुजर रहा था। पुलिस ने उसे रोका और पूछताछ की। एक्टिवा (क्रमांक सीजी-04 एनजे-8956) की तलाशी लेने पर बड़ी मात्रा में 75 लाख कैश निकला। जो एक कपड़े के थैले में भरा था। पुलिस ने पैसे से जुड़े कागजात दिखाने को कहा तो नहीं दिखा पाया और कोई संतोषजनक जवाब भी नहीं दे पाया। जिसके बाद पैसे जब्त कर कार्रवाई की गई। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राहुल देव शर्मा ने बताया कि, आरोपी मिलन शर्मा (25) मूलत: राजस्थान का रहने वाला है। रायपुर में वह 5 साल से हैं। कलेक्शन एजेंट का काम करता है। वर्तमान में वह समता कॉलोनी में रह रहा था।
पूछताछ में उसने बताया कि, वह पैसे ट्रांसफर का काम करता है। 27 फरवरी की रात भी रायपुर के अलग-अलग ठिकाने से पैसा कलेक्ट कर पहुंचा था। लेकिन पकड़ाने पर पुलिस टीम को गुमराह करने लगा। जिससे पुलिस को शक और बढ़ गया। आरोपी के कब्जे से 75 लाख कैश, 4 मोबाइल और एक्टिवा जब्त किया गया है। उसके मोबाइल को खंगालकर हवाला नेटवर्क के खिलाफ जांच की जा रही है। पुलिस ने आयकर विभाग को आरोपी को हेंडओवर किया हैं। जांच के बाद इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।
जून 2024 में दुर्ग पुलिस ने भिलाई के रुआबांधा निवासी विनय कुमार यादव को पकड़ा था। विनय से मिले इनपुट के आधार पर रायपुर के शंकर नगर स्थित एक ऑफिस में दुर्ग पुलिस ने दबिश दी। यहां हवाला कारोबारी नीरू भाई समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। छापे के दौरान यहां से 80 लाख रुपए कैश और कागज के कई बंडल मिले। इनमें गुजराती भाषा में पूरा हिसाब-किताब लिखा हुआ था। इसके साथ ही पुलिस ने बड़ी संख्या में मोबाइल और नोट गिनने की 3 मशीनें भी जब्त की थी। रायपुर से सबसे ज्यादा हवाला मुंबई, दिल्ली, गुजरात और झारखंड में किया जा रहा है। झारखंड में हवाला करने पर लाख रुपए में 300 से 700 रुपए का खर्च आता है। वहीं मुंबई और दिल्ली में हवाला करने पर 1500-2000 रुपए खर्च हवाला कारोबारी ले रहे हैं। रायपुर में अधिकांश कारोबारी अपना कच्चे का पैसा लेन-देन करने के लिए सिंडिकेट बनाकर काम कर रहे हैं। सबसे ज्यादा हवाला एमजी रोड इलाके के कुछ कारोबारी कर रहे हैं।
श्वष्ठ के अफसरों ने जांच के बाद अपनी चार्जशीट में महादेव बुक का पैसा अफसरों तक पहुंचने में हवाला होने की पुष्टि की थी। पुलिस के हत्थे चढ़े पुलिसकर्मियों ने इस बात को कबूला है, कि रायपुर और दुर्ग के हवाला कारोबारियों के माध्यम से विदेशों से पैसा आता था। ये पैसा अफसरों और राजनेताओं तक पहुंचता था। इस पैसों को इधर से उधर पहुंचाने में कई कुरियर बॉय काम करते थे।
स्कूटी की डिक्की से मिली 75 लाख कैश
हवाले का पैसा ठिकाने लगाने से पहले जब्त, 15 इलाकों में चल रहा हवाला कारोबार



