कुनकुरी। 13 से 15 फरवरी तक मध्यप्रदेश के जबलपुर में आयोजित 45वीं राष्ट्रीय मास्टर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में देशभर के 21 राज्यों के खिलाडिय़ों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। छत्तीसगढ़ से 40 सदस्यीय महिला एवं पुरुष दल ने विभिन्न आयु वर्गों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में प्राथमिक शाला डीपाटोली कुनकुरी के शिक्षक महेश तिर्की विगत 5 वर्षों के लंबे संघर्ष और निरंतर अभ्यास के बाद पहली बार 40 प्लस आयु वर्ग की 200 एवं 800 मीटर दौड़ स्पर्धा में रजत पदक 400 मीटर दौड़ में कांस्य पदक और 100म4 व 400म4 मीटर रिले दौड़ स्पर्धा में रजत पदक प्राप्त किया। इससे पूर्व भी वे सिविल सर्विसेज प्रतियोगिता में 4 दफा छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
आज जब शिक्षक महेश तिर्की विद्यालय पहुंचे तो बच्चों की खुशी का ठिकाना न रहा, वे अपने शिक्षक को मैडल पहने देखकर खुशी से झूम उठे, सर्वप्रथम बच्चों ने उनका स्वागत गीत गाकर, आरती उतारकर,तिलक लगाकर एवं पुष्प गुच्छ भेंट कर किया साथ ही उन्हें जीत की बधाई दी, प्रधान पाठक लव कुमार गुप्ता ने माला पहनाकर एवं मिठाई खिलाकर साथी शिक्षक को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह विद्यालय के लिए गौरव का विषय है उनकी उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत परिश्रम का परिणाम है, बल्कि पूरे शिक्षा विभाग, जशपुर जिले एवं छत्तीसगढ़ राज्य के लिए भी गौरव का विषय है, उन्होंने आगे कहा कि शिक्षक महेश तिर्की नियमित रूप से बच्चों को अंतिम कालखंड में खेल-कूद का प्रशिक्षण देते हैं जिससे बच्चों में खेल-कूद के प्रति रुचि बढ़ी है और बच्चे खो-खो, कबड्डी, लंबी कूद,ऊंची कूद, गोला फेंक, तवा फेंक, आदि खेलों के नियमों एवं तकनीक को सीख रहे हैं।
शिक्षक महेश तिर्की ने बच्चों को खेल-कूद के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि, पढ़ाई-लिखाई के साथ-साथ खेलकूद अति आवश्यक है खेल-कूद से शरीर एवं मन स्वस्थ रहता है, आप सभी खेल-कूद के विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपने परिवार,जिले एवं राज्य का नाम रोशन कर सकते हैं, खेल-कूद के माध्यम से भी आप अपने भविष्य को उज्जवल बना सकते हैं, उन्होंने अंत में विभिन्न खेल – कूद प्रतियोगिताओं के आयोजन एवं उसमें भाग किस प्रकार लिया जाता है तथा तैयारी के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
45 वें राष्ट्रीय मास्टर एथलेटिक्स चैंपियनशिप प्रतियोगिता में
शिक्षक महेश तिर्की ने 4 रजत एवं 1 कांस्य पदक जीतकर विद्यालय का बढ़ाया मान



