बीजापुर। छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर के पास बीजापुर जिले में जवानों और नक्सलियों के बीच सुबह 7 बजे से रुक-रुककर फायरिंग हुई। मुठभेड़ में 2 नक्सली मारे गए हैं। सुरक्षाबलों ने 2 शव और हथियार बरामद किया है। मामला पामेड थाना क्षेत्र का है। मौके से एक ्र्य-47 राइफल, एक 9 एमएम पिस्टल सहित अन्य नक्सली सामग्री भी जब्त की गई है। मारे गए माओवादियों की पहचान प्रदीप उर्फ जोगा (एसीएम, पामेड़ एरिया कमेटी सदस्य) और भीमा वेको (पार्टी सदस्य, पामेड़ एरिया कमेटी) के रूप में की गई। जोगा पर 5 लाख और वेको पर 2 लाख का इनाम था। जानकारी के मुताबिक बीजापुर जिले के दक्षिणी इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद डीआरजी जवानों को सर्च ऑपरेशन के लिए भेजा गया था। इसी दौरान जंगल में नक्सलियों ने फायरिंग कर दी। वहीं बीजापुर जिले के लंकापल्ली गांव के पास जंगल में नक्सलियों ने 2 ढ्ढश्वष्ठ लगाए थे। सर्च ऑपरेशन पर निकली सुरक्षाकर्मियों की टीम ने आज सुबह आईडी को डिफ्यूज कर दिया है। मामला इलमिडी थाना क्षेत्र का है।
बीजापुर पुलिस के मुताबिक बीजापुर, सुकमा और तेलंगाना के सीमावर्ती इलाकों में नक्सलियों की बटालियन सक्रिय है। विशेष रूप से पामेड़ थाना क्षेत्र में नक्सलियों की सक्रियता ज्यादा देखी जा रही है। पामेड़ इलाके के नक्सलियों से मुठभेड़ हुई। बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी ने कहा कि मुठभेड़ में मारे गए दोनों माओवादी कैडर पामेड़ एरिया कमेटी क्षेत्र में कई हिंसक घटनाओं में शामिल थे। जिनमें हाल ही में कावरगट्टा ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच भीमा मडक़म की हत्या की घटना भी शामिल है। बीजापुर जिले के लंकापल्ली गांव में डीआरजी बीजापुर, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल 9वीं वाहिनी और बीडीएस की संयुक्त टीम ने सडक़ किनारे लगाए गए 2 शक्तिशाली आईईडी बरामद किए गए हैं। दोनों को जवानों ने डिफ्यूज कर दिया है। पुलिस के अनुसार, 29 जनवरी को संयुक्त सुरक्षा बल ईलमिड़ी-लंकापल्ली क्षेत्र में सर्चिंग अभियान पर निकले थे। इसी दौरान लंकापल्ली की कच्ची सडक़ पर डिमाइनिंग के दौरान नक्सलियों के लगाए गए 20 से 30 किलोग्राम वजन के दो आईईडी का पता चला।
नक्सलियों ने इन आईईडी को कमांड स्विच सिस्टम के जरिए सडक़ के बीचों-बीच लगाया था, जिसका मकसद बड़ी गाडिय़ों को निशाना बनाना था। सूचना मिलते ही बीडीएस टीम बीजापुर को मौके पर बुलाया गया। जवानों ने सफलतापूर्वक आईईडी को मौके पर ही डिफ्यूज कर दिया। बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा पहाड़ी में गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले 25 जनवरी को एक बाद एक 6 ढ्ढश्वष्ठ (इम्प्रूवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) विस्फोट हुए। जिसकी चपेट में आने से डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के 11 जवान घायल हो गए थे। इसके अलावा कुछ दिन पहले इसी इलाके में हुए आईईडी ब्लास्ट में राजू मोडियम नाम का एक ग्रामीण घायल हुआ था। राजू मोडियम को गंभीर चोटें आई थी। राजू का का इलाज जिला अस्पताल में जारी है।
छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर मारे गए 2 नक्सली
7 लाख का था इनाम, शव और एके 47 समेत गोला-बारूद बरामद



