रायगढ़। बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर खबर के प्रकाशन के बावजूद न परिवहन विभाग हरकत में आया, न पुलिस प्रशासन और न ही जिला प्रशासन ने कोई ठोस कदम उठाया। सडक़ों पर वही नजारा बिना पीली पट्टी, बिना कमर्शियल पंजीयन, बिना फिटनेस और बिना बीमा के स्कूली वाहन धड़ल्ले से दौड़ते रहे। सवाल साफ है कि क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है?
कमर्शियल पंजीयन के बिना अवैध बसें, वैन और ऑटो सुबह-शाम बच्चों को ठूंस-ठूंसकर ढो रहे हैं। ओवरलोडिंग खुलेआम हो रही है, चालक अनुभवहीन हैं और वाहन जर्जर हालत में। इसके बावजूद जिम्मेदार मूक दर्शक बने हुए हैं। यह लापरवाही नहीं, जवाबदेही से पलायन है।
सूत्र बताते हैं कि खबर के बाद कुछ ‘आंतरिक चर्चाएं’ जरूर हुईं, लेकिन जमीन पर कोई अभियान, कोई जब्ती, कोई लाइसेंस निरस्तीकरण नहीं दिखा। यदि कार्रवाई हुई भी, तो वह कागजी रही। नतीजा अवैध वाहन संचालकों के हौसले और बुलंद, नियमों की धज्जियां और ज्यादा बेधडक़।
परिवहन विभाग को अवैध वाहनों की सूची मालूम है। पुलिस को रूट और समय पता है। स्कूल प्रबंधन जानते हैं कि किस वाहन से बच्चे आ-जा रहे हैं। फि र भी सामूहिक चुप्पी क्यों? क्या यह मिलीभगत तो नहीं? या फि र बच्चों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता सूची में कहीं नीचे है?
बिना बीमा दुर्घटना में जिम्मेदारी कौन लेगा? बिना फि टनेस ब्रेक फेल, टायर घिसे, इंजन जर्जर। बिना सुरक्षा मानक फस्र्ट-एड, अग्निशमन, स्पीड अलार्म नदारद। ओवरलोडिंग एक चूक, कई मासूमों की जिंदगी दांव पर। कानून किताबों में, सडक़ों पर नहीं स्कूली वाहनों के अनिवार्य मानक वर्षों से तय हैं, लेकिन पालन शून्य। यह नियमों की हत्या है और जिम्मेदारों की संस्थागत विफ लता का प्रमाण।
बिना कमर्शियल रजिस्ट्रेशन वाले सभी स्कूली वाहनों की तत्काल जब्त किया जाए। विशेष संयुक्त जांच अभियान परिवहन, पुलिस और शिक्षा विभाग की टीम से चलाया जाए। नियम तोडऩे वाले स्कूलों पर भारी जुर्माना व मान्यता पर कार्रवाई। दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय कर अनुशासनात्मक कार्रवाई।
बहरहाल मासूम बच्चों की जान पर प्रयोग बंद हों। प्रशासन अगर अब भी नहीं जागा, तो यह चुप्पी अपराध मानी जाएगी। कानून को सडक़ों पर उतारिए वरना इतिहास गवाह रहेगा कि खबरें चेतावनी देती रहीं और जिम्मेदार सोते रहे।
निजी स्कूली वाहन हुए बेलगाम, प्रशासन बेपरवाह
मासूम बच्चों के जान जोखिम में डालकर कमर्शियल पंजीयन के बिना ढो रहे सवारियां



