रायगढ़। जिले में शासन की प्राथमिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, जनहित कार्यों में अपेक्षित गति लाने तथा प्रशासनिक कार्यों की पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज जिला कलेक्टोरेट में समय-सीमा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने विभागवार लंबित प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की तथा अधिकारियों को समन्वय, संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने उपार्जन केंद्रों में अब तक हुई कुल धान खरीदी, धान विक्रय करने वाले किसानों की संख्या, शेष किसानों की स्थिति, टोकन व्यवस्था, धान उठाव, बारदाना उपलब्धता, मानव संसाधन तथा रकबा एवं टोकन सत्यापन की जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि सभी एसडीएम एवं नोडल अधिकारी क्षेत्र स्तर पर नियमित निरीक्षण करते हुए सतत निगरानी रखें। रकबा एवं टोकन सत्यापन के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाए कि वास्तविक किसानों को ही योजना का लाभ मिले। उन्होंने धान उठाव की गति बनाए रखने, भुगतान प्रक्रिया को सुचारु रखने तथा उपार्जन केंद्रों के आसपास यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने जिले में संचालित जल संरक्षण कार्यों को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए सभी जनपद सीईओ को गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी पांच माह में जल संरक्षण से संबंधित कार्यों में ठोस प्रगति दिखाई देनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने अन्य जिलों में किए जा रहे सफल नवाचारों का अध्ययन कर जिले की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार उपयुक्त मॉडल अपनाने के निर्देश दिए, जिससे जल स्तर में सुधार लाया जा सके। कलेक्टर ने जिले में पर्यटन स्थलों के चिन्हांकन एवं विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा जिले के लिए की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की जानकारी लेते हुए संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने निर्माण विभागों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों, तकनीकी मानकों एवं गुणवत्ता नियमों के अनुरूप पूरे किए जाएं। उन्होंने नियमित निरीक्षण, समय-समय पर परीक्षण तथा प्रभावी मॉनिटरिंग के माध्यम से गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को अपने अधीनस्थ अमले की कार्यप्रणाली पर सतत नजर रखने तथा प्राप्त होने वाली शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत रेडी-टू-ईट इकाइयों की समीक्षा करते हुए जिन इकाइयों का शुभारंभ हो चुका है, वहां इस उत्पादन प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। साथ ही सीजीएमएससी द्वारा निर्मित क्रिटिकल केयर यूनिट सहित स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने और खाद्य एवं औषधि विभाग को नशीली दवाओं की रोकथाम के लिए नियमित अभियान चलाने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा करते हुए अधिक से अधिक लोगों को योजना से जोडऩे के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने तथा शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को भी योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही ‘आपकी पूंजी, आपका अधिकार’ अभियान के अंतर्गत निष्क्रिय खातों, लंबित दावों एवं स्वरोजगार योजनाओं से जुड़े प्रकरणों के शीघ्र निराकरण हेतु विकासखंड स्तर पर विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत अधिकाधिक हितग्राहियों को मत्स्य पालन एवं स्वरोजगार से जोडऩे पर भी जोर दिया। बैठक में जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे, नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय, अपर कलेक्टर अपूर्व प्रियेश टोप्पो, रवि राही, डॉ. प्रियंका वर्मा, डिप्टी कलेक्टर धनराज मरकाम सहित सभी अनुविभागों के एसडीएम एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सर्वोपरि, लापरवाही स्वीकार नहीं
पूरी पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता के साथ धान खरीदी कार्य सुनिश्चित करें- कलेक्टर, रेडी-टू-ईट इकाइयों में उत्पादन प्रक्रिया को शीघ्र शुरू करने के निर्देश



