खरसिया। भूपदेवपुर स्थित पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय जो कि जिले के विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शिक्षा देने सरकार के एक महती योजना है स्कूल में एडमिशन होना एक समय गर्व की बात होता था परंतु अब स्कूल के हालात को देखते हुए पालक अपने बच्चों को यहां से निकालने की कोशिश में लगे हुए हैं जिसका कारण स्कूल प्रशासन की लापरवाही जिम्मेदार है। पीएमश्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। इस दुर्दशा के अनेकों कारण हैं जिनमें सबसे प्रमुख है स्कूल के बगल में ही स्थित जिंदल मोनेट प्लांट का धुआं और राख जिसकी वजह से पूरे स्कूल में डस्ट की एक काली चादर बिछी हुई है और स्कूल की आबो हवा को प्रदूषित कर रही है। स्कूल के विद्यार्थी वाटर कूलर आरो खराब होने की वजह से टंकी का प्रदूषित पानी पीने को मजबूर है छात्रावास के बगल में ही गंदगी का ढेर है जहां झूठा खाना और कचरा फेंका जा रहा है। इसी के बीच से ही हॉस्टल के विद्यार्थियों को स्कूल आना पड़ रहा है जिसकी वजह से आए दिन स्कूल के विद्यार्थी बीमार हो रहे हैं। प्रदूषित पानी और गंदगी की वजह से कभी भी महामारी फैलने का अंदेशा बना रहता है परंतु स्कूल के व्यवस्थापकों और प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी जरा भी परवाह नहीं है। हरियाली के नाम पर डेढ़ लाख रुपये के पौधे लाए गए थे जो सूख चुके हैं संपूर्ण स्कूल में बगीचों में झाडिय़ों का जंगलों का राज है जिनमें सांप बिच्छू आदि जहरीले जानवर पनप रहे हैं और यदा कदा स्कूल और हॉस्टल में भी नजर आ जाते हैं। जिसकी वजह से हमेशा बच्चों की जान सांसत में रहती है वह डर के साये में जी रहे है। इस संबंध में स्कूल कैंपस के क्वार्टर में रहने वाले टीचर के परिवार के सदस्य विनय पांडे ने कलेक्टर महोदय को पत्र भी लिखा है जिसमें उन्होंने कलेक्टर को अवगत करवाते हुए लिखा है कि कैम्पस के क्वाटरों और स्कूल बिल्डिंग का हाल बहुत ही बुरा है।देख-भाल ना होने के कारण हालात दयनीय स्थीति है, दरवाजे, जाली, खिड़कियों के काँच टूटे हुये हैं। छत कि दिवारों से पानी टपकने के कारण सीपेज़ आ गयी है, और दिवालों में करेंट भी आता है। कीड़े-मकोड़े, साँप, बिच्छु का भी खतरा आहे रहता है। पानी टंकी का भी हाल बुरा है, टंकी कि ढक्कने सब टूटी हुई हैं, जिससे उसमें धूल, पत्ते, कीट-पतंग सब टंकी में गिरते रहते हैं, और सडऩ कि वजह से पानी दूषित हो जाता है। क्वाटर और स्कूल बिल्डिंग के अधिकतर स्वीच, साकेट, पंखे खराब और जाम हैं। यहाँ के इलेक्ट्रीशियन को बदलने के लिये बोलों तो, कहते हैं कि सर दो साल से बिजली का एक भी सामान खरीदा नहीं गया है जो भी था सब खत्म हो गया है, सर कैम्पस के अंदर आये दिन दारू शराब कि पार्टीयाँ चलती रहती है। कुछ लोग तो नशे में भी ड्यूटी करते रहते हैं। जिस पर कोई कार्यवाही नहीं की जाती है। शराब- दारू का ऐसा माहौल है कि स्कूली बच्चों पर इसका प्रभाव पड़ सकता है। ऐसा सुनने को मिला है कि कुछ बच्चे सीगरेट, बीड़ी नशे के आदि हो चूकें है, जिसका प्रमाण हास्टल के छत पर मील जायेगा। मैंने कुछ बच्चों को कहते सुना है कि उन्हें कभी-कभी खाना कम पड़ जाता है। जिस दिन स्पेशल खाना जैसे, -चिकन, मटर पनीर इत्यादी, बनता है, उस दिन कुछ टीचर एवं स्टाफ टीफिन पैक कर घर ले जाते हैं। जिसकी वजह से उन्हें खाना कम मिलता है। अन्य दिनों में पालकों बताए अनुसार उनके बच्चों को सोसाइटी का चावल और प्रतिदिन निम्न स्तर का घटिया भोजन प्रदाय किया जा रहा है। जिसकी वजह से उनकी सेहत पर भी असर हो रहा है। एक बार मैनें कुछ बातें जे एल पटेल (कार्यालय अधिक्षक) के सामने रखी तो वो गुस्सा हो गये, और बोले कि आपको बोलने का कोई अधिकार नहीं है। बहरहाल पीएमश्री स्कूल बनने के बाद जवाहर नवोदय विद्यालय भूपदेवपुर में सुधार करने के लिये कलेक्टर महोदय और प्रशासन द्वारा संज्ञान लिया जाना बहुत आवश्यक है। इस संबंध में हमारे संवाददाता कैलाश शर्मा द्वारा विद्यालय के सीनियर मोस्ट टीचर जो कि वाइस प्रिंसिपल के प्रभार में भी रहते हैं शशि भूषण प्रसाद से बात करने पर उन्होंने कहा कि मैं इस संबंध में कुछ नहीं बता पाऊंगा। मैं अभी अवकाश में हूं और मेरे पास कोई डाटा नहीं है। प्रिंसिपल का नंबर मांगने पर उन्होंने कहा कि नंबर मेरे पास नहीं है। आप स्कूल की वेबसाइट से निकाल लीजिए वेबसाइट से लिए नंबर लगाने पर किसी भी प्रकार का रिप्लाई नहीं मिल पाया।



