रायगढ़। जिले में साल भर सांप निकलते ही रहते हैं। इसमें अलग-अलग प्रजाति के सांप होते हैं, ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों में आए दिन सांप निकलने की घटना होती है। 24 दिसंबर को ननसियां गांव के एक ग्रामीण के गाय कोठा में 7 फीट का अजगर पैरा में छिपकर बैठा था।
सूचना के बाद मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने अगजर को पकडक़र बोरे में भरा और फिर जंगल में छोड़ दिया। ग्रामीण ने बताया कि उनके गाय कोठे में अक्सर अजगर निकलते है। इससे पहले इसी कोठे से 3 अजगर और उनके 21 अंडों का रेस्क्यू किया जा चुका है। बुधवार (24 दिसंबर) को ननसिया गांव के रहने वाले जागेश्वर प्रसाद ने एनिमल सेवा समिति के पास रेस्क्यू कॉल किया। उन्होंने जानकारी दी कि उनके गाय कोठे में एक बड़ा अजगर पैरा में बैठा हुआ है। सूचना मिलते ही समिति की टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान आसपास के लोगों को जानकारी मिली तो वो भी सांप देखने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि चूहा या अन्य शिकार के लिए अजगर यहां पहुंचा था। जैसे ही कोई शिकार उसके पास पहुंचता वो उसे अपना खुराक बना लेता। रेस्क्यू टीम के सदस्यों ने अजगर को पकड़ा। वह काफी फुर्तिला था। टीम ने रेस्क्यू कर अजगर को बोरे में भरा और मेडिकल कॉलेज के आगे जंगल में पानी में अजगर को सुरक्षित छोड़ दिया।
3 अजगर और 21 अंडे का रेस्क्यू
जागेश्वर प्रसाद का गाय कोठा काफी बड़ा है। ऐसे में यहां अजगर निकलते ही रहता है। इसे लेकर पहले भी कई रेस्क्यू कॉल आ चुके है। टीम ने बताया कि इस गाय कोठे से 3 बड़े अजगर का रेस्क्यू किया जा चुका है। इसी जगह पर अजगर के 21 अंडे भी मिले थे। करीब 6 महीने पहले उसका रेस्क्यू किया गया और टीम ने अंडे को सुरक्षित रखकर जब उसमें से बच्चे निकले तो उन्हें छोड़ा गया था।
अजगर काफी फुर्तिला था
एनिमल सेवा समिति के अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि यह अजगर 7 फीट का और काफी फुर्तिला था। इससे पहले यहां 12 फीट तक के अजगर का रेस्क्यू किया गया है। सांप को देखने के बाद लोगों में डर होता है और जब टीम को इसकी सूचना मिली, तो तत्काल मौके पर पहुंचे। इसे मिलाकर यहां से अब तक 3 अजगर और 21 अंडे का रेस्क्यू किया गया है। 7 फीट के अजगर को पकडक़र सुरक्षित छोड़ गया है।
चूहा खाने पहुंचे 7 फीट के अजगर का रेस्क्यू, गाय कोठे में पैरा में बैठा था



