पखांजुर। परलकोट क्षेत्र में धान खरीदी के लिए बनाए गए केन्द्रों में जगह कम पडऩे लगी है, जिससे खरीदी प्रभावित हो रही है।कई धान खरीदी केंद्र में धान उठाव न होने की वजह से यह समस्या और गंभीर होते जा रही है। उपर्जन केंद्र के पास अब धान रखने के लिए जगह नहीं है,साथ ही लाखो किंवटल धान खुले आसमान के नीचे लवारिस पड़ा है,ऐसे ही धान खुले आसमान के नीचे रहने से दिन व दिन वजन में गिरावट आ रही है, जिससे सूखत की समस्या से समिति व धान खरीदी प्रभारी चिंतित है,समितियों से धान उठाव को लेकर विभाग बे परवाह है। बता दे शासन द्वारा सभी धान खरीदी केंद्र में बफर लिमिट 7,200 किंव का बना दिया गया,लेकिन शासन के नियमों का अनदेखी किया जा रहा है,वही बांदे, छोटेबेटिया,कोरेनार अंतर्गत इन तीनो लैम्पस के सभी धान उपार्जन केंद्र में बफर लिमिट से अधिक धान खरीदी हो चुका है,जैसे,बांदे उपर्जन केंद्र में 14595,20,पी.व्ही 78 में 13818.80 पी.व्ही 84 में15716.80 पी.व्ही 89 में 11013.20 पी व्ही 99 में 16201.20 बेलगाल में 5427.20 तो वही छोटेबेटिया लैम्प्स के पी व्ही 92 में 34189.60 तो वहीं कोरेनार लैम्प्स के अंतर्गत कोरेनार उपर्जन केंद्र में 9708.40 पी. व्ही 105 में 6426.00 इरपानार उपर्जन केंद्र में 4826.80 खरीदी हो चुकी है,समितियों और फड़ प्रभारियों के अनुसार जिन उपर्जन केंद्र में बफर लिमिट से अधिक हो चुकी है,उन उपर्जन केंद्र से जल्द से जल्द धान का परिवहन अति आवश्यक है। वही अब धान उठाव के लिए शासन गंभीर नही है,जिससे समिति और किसान परेशान है।ऐसे में शासन प्रशासन को जल्द से जल्द उपर्जन केंद्र से धान की परिवहन या उठाव के लिए ध्यान देने की जरुरत है। समय पर धान का उठाव नहीं होने से सूखत की समस्या से समिति व धान खरीदी प्रभारी चिंतित। उपर्जन केंद्र के पास अब धान रखने के लिए जगह नहीं है, जिससे किसान परेशान हो रहे हैं,वही उपार्जन केन्द्रों में पर्याप्त जगह न होने से अन्य किसानों को अपनी उपज रखने में समस्या का सामना करना पड़ सकता है।



