रायगढ़। भारत की जनगणना 2027 दो चरणों में पूर्ण रूप से डिजिटल माध्यम से करायी जानी है। जिसके मद्देनजर जिले में इसकी तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। जनगणना कार्य के प्रथम चरण के अंतर्गत नगरों एवं ग्रामों की भौगोलिक सीमा एवं स्थिति को सटीक रूप से भू-संदर्भित करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि किसी भी बसाहट का क्षेत्र छूटे नहीं और न ही किसी क्षेत्र का दूसरे क्षेत्र से अधिव्यापन हो।
अपर कलेक्टर रायगढ़ ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला स्तर पर निदेशालय के जिला नोडल अधिकारी के मार्गदर्शन में गुगल अर्थ पीआरओ के उपयोग संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण भारत सरकार, गृह मंत्रालय, जनगणना कार्य निदेशालय, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में श्री शेषा प्रसाद पांडा, जनगणना नोडल अधिकारी, जिला रायगढ़ द्वारा 22 दिसंबर को जिला कार्यालय रायगढ़ के सभाकक्ष में तकनीकी जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि जनगणना कार्य हेतु उपयोग में लाए जाने वाले चार्ज मानचित्र में ग्रामों एवं नगरों की सीमा एवं स्थिति की पूर्ण सटीकता सुनिश्चित करना संबंधित चार्ज अधिकारी की जिम्मेदारी है। इसी कारण चार्ज मानचित्र का प्रमाणन एवं सत्यापन चार्ज अधिकारी द्वारा किया जाना अनिवार्य है। श्री पांडा ने प्रशिक्षण के दौरान जिले की सभी तहसीलों से उपस्थित सभी तहसीलदारों, मुख्य नगर पालिका अधिकारियों, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों एवं उनके सहयोगी कर्मचारियों को गुगल अर्थ पीआरओ के माध्यम से ग्रामों की भौगोलिक सीमा एवं लोकेशन को सटीक रूप से अंकित करने की प्रक्रिया से अवगत कराया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि 7 दिवस के भीतर सभी ग्रामों की भौगोलिक सीमा एवं स्थिति का कार्य पूर्ण कर उन्हें भू-संदर्भित किया जाए, जिससे जनगणना 2027 का कार्य बिना किसी त्रुटि के सुचारू रूप से संपन्न किया जा सके। प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से अधिकारियों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने पर जोर दिया गया, ताकि आगामी जनगणना में डिजिटल मानचित्रण की प्रक्रिया पारदर्शी, सटीक एवं प्रभावी ढंग से क्रियान्वित की जा सके।
जनगणना 2027 को लेकर जिले में तैयारियां शुरू



