रायगढ़। धरमजयगढ़ नगर में शनिवार, 20 दिसंबर को विराट हिन्दू समागम का भव्य एवं गरिमामय आयोजन संपन्न हुआ। विशाल हिन्दू सम्मेलन समिति रायगढ़ के तत्वावधान में आयोजित इस समागम ने सनातन संस्कृति, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना का सशक्त संदेश दिया।
वहीं कार्यक्रम से पूर्व धरमजयगढ़ मंडल के समस्त ग्रामों एवं नगर से आए सनातनी हिन्दू बंधु-भगिनियों द्वारा गायत्री मंदिर प्रांगण से कलश एवं वेददृपुराणों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए दशहरा मैदान स्थित दुर्गा पंडाल पहुँची, जहाँ समागम का आयोजन किया गया। मार्ग में गूंजते जयघोष और धार्मिक उल्लास ने पूरे नगर को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन-अर्चन कर किया गया। इसके पश्चात छत्तीसगढ़ की लोक-सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत करती ग्राम की बहनों द्वारा प्रस्तुत सुवा नृत्य ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं आयोजन में विभिन्न समाजों से पधारे गणमान्यजनों का आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया। वहीं मुख्य अतिथि के रूप में राम मंदिर खरसिया के पीठाधीश्वर महंत त्रिवेणीदास ने हिन्दू सम्मेलन के उद्देश्य, समाज की वर्तमान चुनौतियाँ तथा उनके समाधान पर ओजस्वी एवं प्रेरणादायी विचार रखे।
और वहीं गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ, जिला रायगढ़ के प्रमुख एवं जेएसपीएल के जनरल मैनेजर संजय गौतम ने “हिन्दू समाज एवं आदर्श हिन्दू परिवार” विषय पर संबोधित करते हुए पारिवारिक मूल्यों, संस्कारों और सामाजिक उत्तरदायित्व की महत्ता को रेखांकित किया। मुख्य वक्ता के रूप में संस्कृत भारती छत्तीसगढ़ के संगठन मंत्री हेमंत साहू ने हिन्दू समाज के संगठन की आवश्यकता, सम्मेलन के उद्देश्य तथा हिंदुत्व की व्यापक और समावेशी परिभाषा पर विस्तार से विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राजकुमार मिश्रा ने समाज को विभाजित करने वाले तत्वों से सजग रहने का आह्वान किया तथा भूमि, परिवार, धर्म और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए संगठित हिन्दू समाज और समर्थ भारत की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने आयोजन की सफलता हेतु सभी सहयोगियों, अधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के प्रति आभार प्रकट किया। और वहीं मंच पर सह प्रांत घोष प्रमुख पंचूराम माली, खंड संघचालक हरिराम राठिया, विभाग सेवा प्रमुख एवं धरमजयगढ़ खंड पालक तरुण थवाईत सहित अनेक विशिष्ट जनों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
वहीं समापन अवसर पर भारत माता की आरती संपन्न हुई। तत्पश्चात समिति द्वारा सभी उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए भोजन-प्रसाद की व्यवस्था की गई। प्रसाद ग्रहण कर श्रद्धालु भाव-विभोर मन से अपने-अपने गंतव्यों की ओर प्रस्थान कर गए।
धरमजयगढ़ में विराट हिन्दू समागम का भव्य आयोजन
सनातन चेतना का सशक्त संदेश!



