रायगढ़। जांजगीर जिले से पृथक कर शक्ति जिला बनाया गया। भारतीय जनता युवा मोर्चा अध्यक्ष पद पर आलोक पटेल की ताजपोशी की खबर को युग परिवर्तन की आहट के रूप में देखा जा रहा है। 2016 से भाजपा को राजनीति में सक्रिय आलोक पटेल ने कम समय में ही अपनी सक्रियता से युवाओं के मध्य खासी पैठ बना ली है। भूपेश सरकार के दौरान आलोक पटेल ने शसक्त विपक्ष की भूमिका का निर्वहन किया यही वजह हैं कि भाजपा की सत्ता आते ही पार्टी ने उन्हें जिला भाजयुमो के अहम पद का दायित्व दिया। पूर्व में जिला महामंत्री का दायित्व संभालने वाले आलोक भारतीय जनता युवा मोर्चा जांजगीर चांपा,से प्रदेश कार्यसमिति सदस्य के पद में अपनी सेवाएं दे चुके। रायगढ़ जिला के सह प्रभारी रहे आलोक ने भाजपा की सरकार आते भी जिला पंचायत चुनाव के दौरान अपनी धर्म पत्नी प्रियंका पटेल को भारी मतों से चुनाव जितवा कर जनता के मध्य बढ़ती लोकप्रियता का एहसास कराया।
क्षेत्र की जनता इस युवा में अपने भविष्य का नेता तलाश रही है। जिला पंचायत चुनाव जीतने के बाद पत्नी प्रियंका को सभापति बनाया गया। हाल में ही आलोक ने क्षेत्र के किसानों के सूखे खेतों की प्यास बुझाने के लिए सूबे के वित्त मंत्री ओपी चौधरी से मुलाकात कर सुखी मांड व्यापर्तन नहर परियोजना हेतु सार्थक पहल की ताकि चंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चंद्रपुर, कांशीडीह कुंदुझांझ मिरौनी हरदी गोपालपुर बरहागुडा, सिरौली, मड़वा, बोरसी, राधापुर नावापारा डोमनपुर अमलडीहा, खोरसिया, पेंडरवा, लटेसरा, बगरेल, सपोस बारापीपर मेढापाली परसापाली खोरसिया, सुरसी, साल्हे मुक्ता रेडा, किरारी, तुलसीडीह छवरीपाली जवाली, कोसमंदा धौराभाठा कटेकोनी खरकेना गिरगिरा बिनौधा अमलीपाली, बिलाईगढ़ क्षेत्र के किसानों के खेतों की प्यास बुझ सके।जिला भाजपा ने आलोक पर भरोसा जताते हुए शक्ति जिले का भाजयुमो अध्यक्ष का अहम दायित्व दिया है। आलोक के नाम की घोषणा होते ही कांग्रेस खेमे का सियासी पारा भी गर्म हो गया है।
शक्ति भाजयुमो अध्यक्ष पद पर आलोक पटेल की ताजपोशी



