रायगढ़। शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय रायगढ़ से संबद्ध जानकी कॉलेज ऑफ एजुकेशन धनुहारडेरा के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई का सात दिवसीय विशेष शिविर ग्राम पंचायत छोटे हरदी विकास खंड पुसौर जिला रायगढ़ के प्राथमिक शाला प्रांगण में शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय रायगढ़ के कार्यक्रम समन्वयक डॉ रविंद्र चौबे, जिला संगठक भोजराम पटेल के दिशा निर्देशानुसार जानकी कॉलेज ऑफ एजुकेशन धनुहारडेरा के चेयरमैन शिरीष सारडा,डायरेक्टर श्रीमती तृप्ति अग्रवाल के ऊर्जामय उज्जवल संरक्षण में तथा प्राचार्य डॉ गजेंद्र चक्रधारी के कुशल मार्गदर्शन में तथा रासेयो कार्यक्रम अधिकारी प्रो मयंक शीतल डनसेना, सहायक कार्यक्रम अधिकारी प्रो हरीश गुप्ता, प्रो ज्योति पटेल, प्रो जया के ऊर्जामय नेतृत्व में विगत 20 नवंबर से 26 नवंबर तक थीम नशा मुक्त समाज के लिए युवा अभियान विषय पर आयोजित हुआ। शिविर के सातवें दिवस 26 नवंबर को एक दिवसीय स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य शिविर में विशेषज्ञ विनोद नायक बी एम ओ पुसौर एवं अनुभवी डॉक्टरों की टीम जिनमें डॉ विमलेश केसर, डॉ श्रीमती रंभा गुप्ता, डॉ अभिषेक महाना, डॉ सिंधु लता प्रधान, डॉ आशीष प्रधान, डॉ सेवंती कुजूर द्वारा साथ दिवसीय विशेष शिविर के शिविरार्थियों, शासकीय प्राथमिक शाला छोटे हरदी के छोटे बच्चों एवं ग्राम छोटे हरदी के ग्रामीणों का नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं इलाज कर जरूरतमंद लोगों को दवा का वितरण किया गया। शिविर में अनुभवी डॉक्टरों की टीम द्वारा बी पी,शुगर रक्त जांच कर उचित परामर्श भी दिया गया जिसका लाभ ग्राम पंचायत छोटे हरदी के अधिक संख्या में ग्रामीणों को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ गजेंद्र चक्रधारी, कार्यक्रम अधिकारी प्रो मयंक शीतल डनसेना, सहायक कार्यक्रम अधिकारी प्रो हरीश गुप्ता, प्रो ज्योति पटेल, प्रो जया तथा 50 की संख्या में रासेयो शिविरार्थियों तथा छोटे हरदी के सरपंच तिलोराम बाग, स्वास्थ्य मितानिन ग्राम छोटे हरदी पवित्रा सरल, सुदेश्ता चौहान, गायत्री गुप्ता शासकीय प्राथमिक शाला छोटे हरदी के प्रधान पाठक राम लाल चौहान, ईश्वर गुप्ता सहायक शिक्षक श्रीमती कौशल्या चौहान सहायक शिक्षिका थी पार्वती शाह एक्टिव वूमेन श्रीमति ललिता गुप्ता सक्रिय महिला, मीना चौहान कृषि सखी शुभलया चौहान सक्रिय महिला समिति ग्राम छोटे हरदी के इस अवसर पर जानकी कॉलेज ऑफ एजुकेशन धनुहारडेरा के स्टॉफ गण अधिक संख्या में छोटे हरदी के गणमान्य ग्रामीणों की उपस्थिति थी।



