रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर अंर्तकलह मचा हुआ है। आपसी गुटबाजी के कारण लोग एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं। कांग्रेस ने निष्कासित रामानुजगंज के पूर्व विधायक बृहस्पत सिंह ने आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ के सह प्रभारी पैसा लेकर पद बांट रही है। कांग्रेस के पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने इसे कपोल कल्पित आरोप बताया है।
सत्ता से जाने के बाद कांग्रेसजनों में आपसी विवाद और अंर्तकलह बढ़ता जा रहा है। रामानुजगंज के पूर्व विधायक वृहस्पत सिंह ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी की सह प्रभारी सरिता लेत फलांग पर आरोप लगाया है कि वे अध्यक्ष और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर खुलेआम पैसा मांग रही है। जिससे समर्पित एवं निष्ठावान कांग्रेसजनों निराशा व्याप्त हैं। वृहस्पत सिंह के आरोप का खंडन करते हुए पूर्व मंत्री शिवकुमार डहरिया ने कहा कि उनके सभी आरोप कपोल कल्पित हैं। उन्होंने कहा कि वृहस्पत सिंह कांग्रेस ने नहीं है, इसलिए उनके आरोप को कोई तवज्जों नहीं है। इधर कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि उनके सभी आरोप निराधार है, फिलहाल वे कांग्रेस में नहीं है, इसलिए उन्हें कांग्रेसजनों पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने अधिकार नहीं है।
टीएस सिंहदेव और अजय चन्द्राकर में जुबानी जंग भारतीय जनता पर्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री अजय चन्द्राकर ने कहा कि कांग्रेसी एक दूसरे के खून के प्यासे हो गए हैं। टीएस सिंह देव के पास लाइसेंसी रिवाल्वर भी है, इस पर टीएस सिंह देव ने कहा कि कभी-कभी अजय चन्द्राकर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा लूं। प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि अजय चन्द्राकर एक कुंठित राजनेता हैं। इसलिए उनके आरोपों को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए। टीएस सिंह देव कहा कि सभी को अपने-अपने दायरे में रहना चाहिए।
वृहस्पत सिंह का आरोप : प्रदेश कांग्रेस में पैसा लेकर बांटा जा रहा पद
वृहस्पत ङ्क्षसह कांग्रेस से निष्कासित सभी आरोप निराधार : डहरिया



