रायपुर। प्रदेश में 400 यूनिट तक की बिजली माफ योजना को घटाकर 100 यूनिट किए जाने के विरोध में कांग्रेस गुरुवार को राजधानी समेत प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय में बिजली ऑफिस के सामने प्रदर्शन कर रही है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार का पुतला दहन किया। वहीं, रायपुर के बूढ़ापारा बिजली ऑफिस के पास कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस जिला अध्यक्ष गिरीश दुबे, पूर्व मेयर प्रमोद दुबे सहित अन्य नेता-कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ पुलिसकर्मियों से झूमाझटकी भी हुई।
पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने कहा कि राज्य में करीब 22.5 लाख मध्यम वर्गीय परिवार हैं जो हाफ बिजली योजना से सीधे लाभान्वित होते थे। उन्होंने बताया कि पहले इन परिवारों का बिजली बिल 750 से 1100 रुपए तक आता था, लेकिन अब वही बिल 1700 से 2400 रुपए तक आएगा। इसी तरह जो परिवार 400 से 500 यूनिट तक बिजली खर्च करते थे, उनका बिल 1200 से 1500 रुपए के बीच होता था, लेकिन अब उन्हें 3000 से 3700 रुपए तक बिल भरना पड़ सकता है। यानी लोगों पर 1200 से 2000 रुपए तक का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
प्रमोद दुबे ने यह भी कहा कि इससे पहले भी सरकार चार बार बिजली दरें बढ़ा चुकी है। हर बार 20 पैसे की बढ़ोतरी करते हुए कुल 80 पैसे से डेढ़ रुपए प्रति यूनिट तक बढ़ा दिया गया था। जब इन सब बढ़ोतरी को जोड़ते हैं, तो लोगों पर तीन से चार गुना ज्यादा भार पड़ रहा है। सरकार भले ही कह रही है कि 31 लाख परिवार लाभ में हैं, लेकिन 22.5 लाख मध्यम वर्गीय परिवार, जो हर महीने 100 से 400 यूनिट बिजली इस्तेमाल करते हैं, उनका भी ध्यान रखना जरूरी था।
पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा ने कहा कि मौजूदा सरकार को बने दो साल हो गए, लेकिन अब तक ऐसा कोई भी काम नहीं किया जिससे आम जनता को सीधा फायदा मिला हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के पांच साल के कार्यकाल में कई योजनाएं चलाई गई थीं, जिनसे लोगों को राहत मिली थी। लेकिन अब उन योजनाओं को भी बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार महतारी वंदन योजना के तहत एक ओर 1,000 रुपए महिलाओं को दे रही है, लेकिन दूसरी ओर बहन-बेटियों के घर से 5,000 रुपए निकाल रही है। इन्हीं बातों के विरोध में कांग्रेस ने आज प्रदर्शन किया।
दरअसल, मंगलवार को कांग्रेस ने सभी जिले में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार के इस फैसले को जनता विरोध जताया था। 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना दोबारा शुरू करने की मांग की थी। सोमवार को भी कांग्रेस ने सरकार के इस निर्णय के विरोध में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि, भाजपा सरकार हाफ बिजली बिल योजना के तहत 400 यूनिट की सीमा को समाप्त कर आम जनता के ऊपर अत्याचार कर रही है। बिजली की दरों में हुई बढ़ोतरी और हाफ बिजली बिल योजना को समाप्त किए जाने से आम जनता को बिजली बिल के नाम पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ेगा। बैज ने कहा कि मात्र 100 यूनिट के भीतर की खपत वाले का ही बिजली बिल हाफ करने का निर्णय लिया है। इससे प्रदेश के ज्यादातर उपभोक्ता बिजली बिल हाफ योजना से वंचित हो गये है। वर्तमान निर्देश के अनुसार 100 यूनिट से अधिक खपत होने पर बिजली बिल पूरा लगेगा। 100 यूनिट का छूट भी नहीं मिलेगा।
बिजली बिल हाफ योजना में कटौती के खिलाफ कांग्रेस का किया प्रदर्शन
प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में बिजली ऑफिस के सामने जताया विरोध, फूंका पुतला
