रायगढ़। मोबाइल मेडिकल यूनिट यानि रूरू के संचालन में कई तरह की खामियां पाई गईं। यह बात आज आयुक्त द्वारा ली गई समीक्षा बैठक में सामने आई। जिसके बाद वेंडर कपंनी द्वारा एग्रीमेंट के हिसाब से सुविधा देने के निर्देश दिए गए। साथ ही इन लापरवाहियों को देखते हुए आयुक्त ने वेंडर कंपनी का लाभांश रोकने के निर्देश दिए।
बुधवार की सुबह पंजरी प्लांट ऑडिटोरियम में निगम कमिश्नर ब्रजेश सिंह क्षत्रिय ने रूरू संचालक वेंडर, डॉक्टर, टेक्नीशियन समेत पूरे स्टाफ के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान सामने आया कि रूरू संचालन करने वाली वेंडर कंपनी की ओर से एग्रीमेंट के अनुसार जरूरी इलाज और जांच जैसी सुविधाएं पूरी तरह नहीं दी जा रही है।
जिस पर निगम आयुक्त ने वेंडर कंपनी के लाभांश को रोकने के निर्देश दिए। इसके अलावा शासन द्वारा अधिकृत एपीएम ने सभी रूरू से जुड़ी समस्याओं की सूची भी पेश की। इसमें रूरू वाहनों में लगे ष्टष्टञ्जङ्क कैमरों का खराब होना, वॉश बेसिन का काम न करना, जांच मशीनों में तकनीकी खराबी, चेयर-कुर्सियों की कमी, पंखों का न होना या खराब होना सहित समस्याओं की जानकारी दी गई।
इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त ने वेंडर कंपनी भव्या हेल्थ सर्विस को आदेश दिया कि सभी मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों की खामियों को एग्रीमेंट के अनुसार तत्काल ठीक कराया जाए और सभी वाहनों में अनुभवी ड्राइवरों की नियुक्ति की जाए।
कमिश्नर ने दी सख्त चेतावनी
इस दौरान रूरू के स्टाफ ने कमिश्नर से शिकायत की कि कई यूनिटों में एसी नहीं चलाए जा रहे हैं। इस पर कमिश्नर ने नाराजगी जताते हुए सभी वाहनों में एसी चालू रखने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी चेतावनी दी कि यदि स्टाफ या इलाज के लिए आने वाले लोगों को किसी तरह की असुविधा होती है, तो संबंधित के खिलाफ शासन स्तर पर अनुशंसा पत्र भेजा जाएगा।
कमिश्नर ने लोकल लैब से अनुबंध के दिए निर्देश
बैठक में यह बात सामने आई कि विटामिन, थायराइड और अन्य बीमारियों की जांच रिपोर्ट आने में 4 से 7 दिन तक का समय लग रहा है। जांच मशीनों में तकनीकी खराबी की भी शिकायत की गई।
एमएमयू संचालित करने वाली वेंडर कंपनी ने बताया कि सभी सैंपल रायपुर भेजे जाते हैं और अनुबंधित जांच केंद्र से रिपोर्ट आने में देरी होती है। इस पर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बीमारी के इलाज में किसी तरह की देरी न हो, इसके लिए जल्द से जल्द लोकल लेबोरेटरी से एग्रीमेंट किया जाए, ताकि रिपोर्ट समय पर मिल सके और मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके।
रूरू में डेंगू, मलेरिया और टायफाइड जांच की व्यवस्था के निर्देश
निगम आयुक्त ब्रजेश सिंह क्षत्रिय ने आने वाले मौसम को देखते हुए मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) में डेंगू, मलेरिया और टायफाइड जैसी बीमारियों की जांच के लिए रैपिड टेस्ट किट और विड्रॉल किट रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इन बीमारियों के लक्षण दिखने पर मरीजों की तुरंत रैपिड टेस्ट किट से जांच की जाए और अगर रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो इसकी तत्काल सूचना दी जाए। इसके साथ ही सभी रूरू में सिकल सेल जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराने के निर्देश वेंडर कंपनी को दिए गए।
एमएमयू की जांच करेगा विशेषज्ञों का दल
कमिश्नर ने एमएमयू वैन में लगे मेडिकल उपकरणों और जांच मशीनों (ब्लड, यूरिन आदि) की जांच कराने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग के एक्सपर्ट की टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल भगत से चर्चा की। जांच के बाद विशेषज्ञ टीम जो रिपोर्ट देगी, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एमएमयू में इलाज और सुविधाओं में खामियां
वाहन में एसी सीसीटीवी समेत कई मशीनें खराब, कमिश्नर ने वेंडर कंपनी के भुगतान को रोका



