बिजासपर। भारत सरकार ने भारतीय रेलवे कैटरिंग और टूरिज्म कॉर्पोरेशन (ढ्ढक्रष्टञ्जष्ट) और इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन को नवरत्न कंपनी के रूप में उन्नत किया है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की घोषणा सार्वजनिक उद्यम विभाग ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से की। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आईआरसीटीसी और आईआरएफसी की पूरी टीम को बधाई दी और कहा कि सभी 7 सूचीबद्ध रेलवे पीएसयू अब नवरत्न का दर्जा प्राप्त कर चुके हैं, और यह उपलब्धि 2014 के बाद संभव हुई है। इससे पहले, कॉनकोर (जुलाई 2014), आरवीएनएल (मई 2023), आईआरकॉन और रायट्स (अक्टूबर 2023), और रेलटेल (अगस्त 2024) को नवरत्न का दर्जा दिया गया था।
आईआरएफसी की उपलब्धि
आईआरएफसी, भारतीय रेलवे के बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला एक प्रमुख वित्तीय संस्थान है। आईआरएफसी की स्थापना 12 दिसंबर 1986 को एक 100त्न सरकारी स्वामित्व वाली इकाई के रूप में की गई थी। वित्तीय वर्ष 2023-24 में इसका टर्नओवर रू. 26,644 करोड़, शुद्ध लाभ रू. 6,412 करोड़, और नेटवर्थ रू. 49,178 करोड़ रही। अब यह भारत का तीसरा सबसे बड़ा सरकारी गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान बन चुका है।
आईआरसीटीसी की सफलता
आईआरसीटीसी, जो रेलवे मंत्रालय के अंतर्गत एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम है, ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में रू. 4,270.18 करोड़ का वार्षिक टर्नओवर, ?1,111.26 करोड़ का शुद्ध लाभ और रू. 3,229.97 करोड़ की नेटवर्थ दर्ज की। 2025 में आईआरसीटीसी अपनी 25वीं वर्षगांठ मना रहा है, और यह नवरत्न का दर्जा इसकी निरंतर उत्कृष्टता का प्रमाण है।
नवरत्न का दर्जा मिलने के लाभ
नवरत्न पीएसयू को कई विशेष अधिकार मिलते हैं, जिनमें शामिल हैं- वित्तीय स्वायत्तता- वे संयुक्त उद्यम, अधिग्रहण और विलय कर सकते हैं। संचालन में स्वतंत्रता- वे निजी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं और बाजार के अनुसार निर्णय ले सकते हैं। वैश्विक विस्तार- वे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रवेश कर सकते हैं और रणनीतिक गठजोड़ बना सकते हैं। बेहतर बाजार स्थिति- मजबूत वित्तीय स्थिति के कारण निवेशकों का विश्वास बढ़ता है। रेल मंत्री ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और वित्त मंत्री को धन्यवाद दिया और इसे रेलवे के बदलाव की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि करार दिया।
आईआरसीटीसी और आईआरएफसी को मिला ‘नवरत्न’ का दर्जा
रेल मंत्री ने दी बधाई
