खरसिया। भारतीय किसान संघ तहसील इकाई खरसिया (जिला रायगढ) के बैनर तले आज स्थानीय किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर जोरदार हुंकार भरी। भारतीय किसान संघ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुगामी और राष्ट्रवादी किसान संगठन के किसानों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि वे आज केवल ज्ञापन सौंपने नहीं आए हैं, बल्कि अपने अधिकारों की निर्णायक लड़ाई लडऩे के लिए सडक़ों पर उतरे हैं। सरकार को किसानों की 11 सूत्रीय मांगें जल्द से जल्द माननी होंगी। इस दौरान माननीय मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन स्थानीय तहसीलदार को सौंपा गया।
किसानों की प्रमुख माँगे
आंदोलन के दौरान किसानों ने शासन-प्रशासन के समक्ष अपनी निम्नलिखित 11 प्रमुख माँगे रखीं बकाया बोनस भुगतान – वर्ष 2022-23 का 1700 करोड़ रुपये का बकाया धान बोनस जल्द से जल्द दिया जाए। धान खरीदी नीति – धान खरीदी में हर साल 800 रुपये की बढ़ोतरी की जाए। खरीदी अवधि व तौल नियम: धान खरीदी की तारीख 15 नवंबर से 15 फरवरी तक तय हो और तौल में 40 किलो 700 ग्राम का नियम लागू किया जाए। योजनाएँ व व्यवस्था- गोवंश वंदन योजना लागू हो, एग्रीस्टैक की जटिलता खत्म की जाए तथा टोकन व्यवस्था में सुधार हो। कृषि व अन्य मुद्दे – गन्ना किसानों का दाम क्विंटल पर 150 रुपये बढ़ाया जाए, पैरी हाईडेम को स्वीकृति दी जाए, तथा बिजली के निजीकरण और महंगी खाद बेचने पर रोक लगाई जाए।
यह हमारे स्वाभिमान की लड़ाई है
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि अगर आज किसान नहीं जागा, तो आने वाली पीढ़ी हमें कभी माफ नहीं करेगी। यह हमारे स्वाभिमान की लड़ाई है, और प्रशासन को हमारी बात सुननी ही होगी। किसानों में इस बात को लेकर खासा आक्रोश है कि उनकी मेहनत का उचित मूल्य और समय पर सहायता न मिलने से उनका जीवन संकट में पड़ रहा है। इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में किसान और संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे



