रायगढ़। सेवा संकल्प अभियान के तहत रायगढ़ जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों को उपचार के साथ विकलांगता रोकथाम और पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी पहल के तहत कुष्ठ रोग के कारण हाथ-पैर में विकृति से प्रभावित 21 व्यक्तियों को विकृति सुधार शल्य चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। कुष्ठ रोग के कारण इन व्यक्तियों के हाथ-पैर में विकृति उत्पन्न हो गई थी। इसके चलते उन्हें दैनिक कार्य करने में परेशानी होती थी। साथ ही सामाजिक जीवन में भी संकोच और आत्मविश्वास की कमी महसूस होती थी।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रभावित व्यक्तियों की पहचान कर उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जांच की। उन्हें कुष्ठ रोग के उपचार, विकलांगता रोकथाम और पुनर्वास के संबंध में आवश्यक परामर्श दिया गया। जांच के बाद जरूरत के अनुसार मरीजों को विकृति सुधार शल्य चिकित्सा (आरसीएस) के लिए चिन्हित कर उचित स्वास्थ्य संस्थान में भेजा गया और उपचार की प्रक्रिया पूरी कराई गई। शल्य चिकित्सा के बाद मरीजों को फिजियोथेरेपी, स्वयं की देखभाल और नियमित जांच के संबंध में जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा उनका लगातार मार्गदर्शन और फॉलोअप किया गया। उपचार और पुनर्वास के बाद मरीजों की स्थिति में सुधार आया। अब वे पहले की तुलना में अपने दैनिक और रोजगार से जुड़े कार्य अधिक सहजता से कर पा रहे हैं। इसके साथ ही उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई है।
मरीज ने बताया-मिली नई उम्मीद
मरीज ने बताया कि हाथ-पैर में विकृति के कारण पहले रोजमर्रा के काम करने और लोगों के सामने जाने में परेशानी होती थी। विकृति सुधार शल्य चिकित्सा के बाद नई उम्मीद मिली है। अब वे सामान्य जीवन की ओर वापस लौट रहे हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि कुष्ठ रोग का उपचार संभव है। समय पर जांच और उपचार से विकलांगता को रोका जा सकता है। विकृति होने पर विकृति सुधार शल्य चिकित्सा एवं पुनर्वास सेवाओं का लाभ लें। कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्ति के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न करें।



