खरसिया। कैलाश शर्मा। शिक्षक और सडक़ खुद कहीं नहीं जाते, लेकिन दूसरों को उनकी मंजिल तक जरूर पहुंचा देते हैं। जिस प्रकार एक मजबूत और समतल सडक़ यात्रा को सुगम बनाकर लक्ष्य तक सुरक्षित पहुंचाती है, जबकि उबड़-खाबड़ मार्ग दुर्घटना का कारण बनता है, ठीक उसी प्रकार यदि शिक्षक का मार्गदर्शन मजबूत, सुदृढ़ और नैतिक मूल्यों से परिपूर्ण हो, तो विद्यार्थी को जीवन की सर्वोच्च मंजिल प्राप्त होती है। शिक्षक केवल अक्षर ज्ञान या किताबी शिक्षा तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे सुसंस्कार और अनुशासन का सिंचन कर समाज को सही दिशा प्रदान करते हैं। गुरु-शिष्य परंपरा के पावन प्रतीक शिक्षक दिवस के अवसर पर आज अपने सामाजिक दायित्वों को निभाते हुए नगरपालिका अध्यक्ष कमल गर्ग की अगुवाई में नगर के लखीराम ऑडिटोरियम में चरित्र और समाज के सच्चे शिल्पी शिक्षकों का एक भव्य, गरिमामय एवं भावपूर्ण सम्मान समारोह संपन्न हुआ। राष्ट्र निर्माण और भावी पीढ़ी के चरित्र गठन में अपना संपूर्ण जीवन समर्पित करने वाले शिक्षाविदों खरसिया क्षेत्र के सेवानिवृत्त शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए खरसिया गौरव सम्मान से अलंकृत किया गया। वहीं, शिक्षा की अलख जगा रहे वर्तमान प्रधान पाठकों एवं प्राचार्यों को शिक्षक सम्मान से विभूषित किया गया।
चरित्र और समाज के सच्चे शिल्पी हैं शिक्षक
कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि राधेश्याम राठिया, सांसद रायगढ़ लोकसभा एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे नगर पालिका अध्यक्ष कमल गर्ग ने शिक्षकों के अमूल्य अवदान को नमन करते हुए कहा कि शिक्षक केवल अक्षर ज्ञान या किताबी शिक्षा तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे विद्यार्थियों के भीतर सुसंस्कार, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का सिंचन करते हैं। एक शिक्षक द्वारा निर्मित नागरिक न केवल अपने परिवार का नाम रोशन करता है, बल्कि एक समृद्ध समाज और सशक्त राष्ट्र की सुदृढ़ आधारशिला भी रखता है।
निष्ठावान सेवा यात्रा का वंदन सेवानिवृत्ति विराम नहीं निरंतर प्रेरणा है
समारोह का सबसे भावुक और गौरवशाली क्षण वह रहा जब सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं अधिकारियों के दीर्घकालिक योगदान को विशेष रूप से याद किया गया। मंच से यह विचार रेखांकित किया गया कि शासकीय सेवा की समयावधि पूर्ण होना दायित्वों का अंत हो सकता है, परंतु समाज के प्रति एक शिक्षक का बौद्धिक व नैतिक दायित्व कभी समाप्त नहीं होता। अपने जीवन के श्रेष्ठतम और ऊर्जावान वर्षों को नवनिहालों के भविष्य को गढऩे में सहर्ष न्योछावर करने वाले इन गुरुजनों के प्रति समूचे खरसिया अंचल ने नतमस्तक होकर कृतज्ञता प्रकट की।
वर्तमान शिक्षा ध्वजवाहकों की निष्ठा का भी हुआ सम्मान
शैक्षणिक व्यवस्था को निरंतर नई ऊँचाइयों पर ले जाने वाले वर्तमान प्राचार्यों और प्रधान पाठकों को सम्मानित करते हुए उनकी कर्तव्यनिष्ठा की भूरि-भूरि प्रशंसा की गई। वक्ताओं ने कहा कि एक समर्पित शिक्षक के मार्गदर्शन से अनेक विद्यार्थियों की प्रतिभा को नए पंख मिलते हैं, जो आगे चलकर देश की प्रगति में मील का पत्थर साबित होते हैं।
विशिष्ट जन-प्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही गरिमामय उपस्थिति
इस ऐतिहासिक और प्रेरणादायी आयोजन के साक्षी मुख्य अतिथि रायगढ़ लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, नगर पालिका परिषद खरसिया के अध्यक्ष कमल गर्ग, वरिष्ठ नेता गोपाल शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि रविंद्र गवेल, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) प्रवीण भगत, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) सतीश भार्गव, मुख्य नगर पालिका अधिकारी नीतू अग्रवाल, नगर पालिका उपाध्यक्ष अवध नारायण बंटी सोनी, जनपद उपाध्यक्ष हितेश गवेल, मंडल अध्यक्ष विजय शर्मा, वरिष्ठ नेता गिरधारी गवेल, पार्षद दीपक अग्रवाल, ललित राठौर, अरुण चौधरी, विनोद सिदार एवं साहिल शर्मा ‘चीनू’ बने। ?इनके साथ ही छत्तीसगढ़ पेंशनधारी कल्याण संघ के सम्मानित पदाधिकारी, शिक्षा जगत के प्रबुद्धजन और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन सभी सम्मानित विभूतियों को दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य की शुभकामनाओं के साथ हुआ।



