रायगढ़। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण आदेश के पालन को लेकर रायगढ़ जिला शिक्षा विभाग पर सवाल उठने लगे हैं। शासन के 6 अगस्त 2026 के आदेश में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय रायगढ़ में पदस्थ हरिशंकर बरेठ, सहायक ग्रेड-02 का स्थानांतरण शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हाटी, जिला रायगढ़ किया गया है। आदेश में उन्हें तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से नवीन पदस्थापना पर पदस्थ किए जाने का उल्लेख है।
शासन के आदेश क्रमांक इएसटीबी-102/756/2026/20-3, दिनांक 06/08/2026 में हरिशंकर बरेठ की वर्तमान पदस्थापना जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय रायगढ़ तथा नवीन पदस्थापना शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हाटी, जिला रायगढ़ स्पष्ट रूप से दर्ज है। स्थानांतरण का आधार भी आदेश में प्रशासनिक दर्शाया गया है। अब सवाल यह उठ रहा है कि शासन द्वारा स्थानांतरण आदेश जारी किए जाने के बावजूद संबंधित कर्मचारी को आज दिनांक तक नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के लिए कार्यमुक्त किया गया है या नहीं? यदि उन्हें जिला शिक्षा कार्यालय में ही कार्य कराया जा रहा है, तो किस सक्षम अधिकारी के आदेश अथवा अनुमति के तहत उन्हें जिला कार्यालय में रखा गया है? विभागीय सूत्रों के अनुसार, शासन के आदेश के बावजूद कर्मचारी के जिला शिक्षा कार्यालय में ही रहने की चर्चा है। ऐसे में स्थानांतरण आदेश के पालन को लेकर पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले में यह भी महत्वपूर्ण है कि यदि शासन के मूल स्थानांतरण आदेश के बाद कोई संशोधन आदेश, स्थगन आदेश अथवा नवीन पदस्थापना संबंधी आदेश जारी हुआ है, तो उसे स्पष्ट किया जाना चाहिए।
यदि ऐसा कोई आदेश जारी नहीं हुआ है, तो फिर शासन द्वारा प्रशासनिक आधार पर किए गए स्थानांतरण के बावजूद संबंधित कर्मचारी को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में रखने का आधार क्या है? यह सवाल अब चर्चा का विषय बना हुआ है।
स्थानांतरण आदेशों के पालन में कथित असमानता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि शासन के स्थानांतरण आदेशों का सामान्यत: कर्मचारियों को तत्काल पालन करना पड़ता है, लेकिन यदि किसी कर्मचारी को आदेश के बाद भी मूल कार्यालय में कार्य करने की अनुमति मिल रही है, तो इसकी वजह सार्वजनिक होनी चाहिए।
शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश में जब वर्तमान और नवीन पदस्थापना स्पष्ट रूप से दर्ज है, तो उसके पालन की जिम्मेदारी जिला स्तर पर संबंधित अधिकारियों की होती है। ऐसे में अब सवाल यह है कि क्या जिला शिक्षा कार्यालय को शासन के आदेश पर रोक लगाने या उसके पालन को टालने का अधिकार है? इस पूरे मामले में जिला शिक्षा विभाग को स्थिति स्पष्ट करते हुए बताना चाहिए कि हरिशंकर बरेठ को हाटी पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के लिए कब कार्यमुक्त किया गया, यदि नहीं किया गया तो किस आदेश के तहत उन्हें जिला कार्यालय में रखा गया है और क्या शासन के स्थानांतरण आदेश में कोई संशोधन अथवा स्थगन प्राप्त हुआ है। अब देखना होगा कि जिला शिक्षा विभाग इस मामले में क्या स्पष्टीकरण देता है और शासन के आदेश का पालन कब तक कराया जाता है।
शासन के स्थानांतरण आदेश की शिक्षा विभाग में अनदेखी?
सहायक ग्रेड-02 का जिला शिक्षा कार्यालय से हाटी तबादला, फिर भी कार्यमुक्त नहीं किए जाने पर उठे सवाल



