रायगढ़. बुधवार से शहर में पांच दिवसीय श्री कृष्णजन्माष्टमी मेला का शुभारंभ हो गया है। इससे शाम होते ही शहरवासी स्वचलित झांकियों को देखने घरों से निकल पड़े थे, इससे शहर में देर रात तक भीड़ का माहौल देखने को मिला। साथ ही श्याम मंदिर और गौरीशंकर मंदिर में श्रद्धालुओं को दिक्कत न हो इसके लिए बेरिकेट्स व पुलिस की व्यवस्था की गई है। साथ ही चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे से निगरानी चल रही है।

उल्लेखनीय है कि शहर में 28वां ऐतिहासिक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेला का शुभारंभ बुधवार शाम को बनोरा वाले बाबा प्रियदर्शी राम जी के हाथों किया गया। ऐसे में शाम करीब 4 बजे बाबा प्रियदर्शी राम गौरीशंकर मंदिर पहुंचे, जहां शुभारंभर करने के बाद श्याम मंदिर पहुंचे और पूजा-पाठ के बाद मेला का शुभारंभ किया। जिससे श्याम मंदिर व गौरीशंकर मंदिर परिसर में स्वचलित झांकियों को दर्शन करने श्रद्धालु पहुंचने लगे हैं।

बताया जा रहा है कि यह मेला इस बार पांच दिन का रहेगा, जो लगातार 6 सितंबर तक चलेगा। इसके लिए श्याम बगीची परिसर मे दस हजार वर्गफुट में वाटरप्रुफ पंडाल बनाया गया है, जहां मनभावन स्वचलित झांकियां जिसमें प्रमुख रूप से सिद्धी विनायक गणेण जी, कृष्ण सुदामा मिलन, कृष्णा जी का गौ प्रेम, गोपियों संग रास लीला, कर्मा बाई का प्रभु प्रेम, विराट हनुमान जी पहाड़ मंदिर, डोरेमन ड्रीम सिटी के अलावा समाज में जागरूकता लाने के लिए साइबर क्राइम से बचाव जुआ-सट्टा नियत्रंण के लिए झांकी तैयार की गई जो लोगों को खुब लुभा रहा है। साथ ही छत्तीसगढ़ की संस्कृति को दर्शाते हुए झांकी एवं विशेष अमरनाथ यात्रा की वृहत मनभावन झांकियां लगाई है। साथ ही मंदिर प्रांगण में लड्डू गोपाल झुला, राधा कृष्ण झुला, वृंदावन की मनमोहक बांके बिहारी ही का दर्शन लाभ भक्तों को मिलेगा। इसी तरह गौरीशंकर मंदिर में भी विरांट हनुमान जी, गणेश जी, राधा-कृष्ण सहित दर्जनों देवी-देवताओं की स्वचलित झांकी तैयार की गई, जिसको भक्त बेरिकेट्स के सहारे दर्शन करने पहुंच रहे हैं।

जन्माष्टमी मेला में दुकान लगाने के लिए इस बार आसपास के जिला सहित ओडिशा व एमपी से व्यवसायी पहुंचे हैं, जो गौरीशंकर मंदिर से लेकर सिल्वर पैलेस व रामनिवास टाकीज चौक व न्यू मार्केट तक दुकान सजा दिया हैं, जिसमें तरह-तरह के सामनों की खरीदी के लिए लोग पहुंच रहे हैं। इस दौरान बुधवार को देर रात तक इन स्टालों में लोगों की भीड़ लगी रही।
चप्पे-चप्पे पर रहेगी पुलिस की नजर
उल्लेखनीय है कि मेला में भीड़ को देखते हुए पुलिस द्वारा पूरी तैयारी की गई है। ऐसे में बुधवार शाम से ही शहर के चौक चौराहों पर पुलिस की तैनाती की गई है। वहीं पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मेला में पुलिस अधिकारी समेत करीब 300 पुलिस बल की तैनाती की है, जो लोगों को व्यवस्थित तरीके से आवागमन कराएगी, इसके अलावा जगह-जगह लगाए गए सीसीटीवी कैमरे से भी निगरानी की जा रही है, ताकि मेला में चोर उचक्कों पर नजर रखी जा सके। साथ ही लगातार पुलिस अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए गस्त करेंगे।
नई पीढ़ी को संस्कृति से जोडऩे का प्रयास है
वहीं अध्यक्ष बजरंग अग्रवाल लेंध्रा ने कहा कि आज हम सभी के लिए परम सौभाग्य का क्षण है कि हम श्री श्याम मंडल रायगढ़ द्वारा आयोजित 28वें श्रीकृष्ण जन्माष्टमी झूला महोत्सव के शुभारंभ के साक्षी बन रहे हैं। यह महोत्सव 2 से 6 सितंबर तक, 5 दिवसीय श्री श्याम बगीची, श्री श्याम मंदिर परिसर में मनाया जाएगा, जो हमारे लिए केवल मंदिर नहीं, बल्कि भक्ति, सेवा और संस्कार का केंद्र है। इन पाँच दिनों में भक्ति, आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा, जहाँ सनातन संस्कृति और श्रीकृष्ण लीलाओं पर आधारित सुंदर झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी। यह हमारी नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोडऩे का प्रयास है।वहीं उन्होंने कहा कि श्री श्याम मंडल की 28 वर्षों की सेवा यात्रा भक्ति और समर्पण की गौरवपूर्ण यात्रा है। हमारा प्रयास है कि बाबा की सेवा केवल आयोजन तक सीमित न रहे। इसी भाव से मंडल द्वारा वर्षभर श्रृंगार सेवा, भोग सेवा, पोशाक सेवा, इत्र सेवा, घी सेवा सहित अनेक सेवाएँ संचालित की जा रही हैं, जिससे श्याम प्रेमी अपनी श्रद्धानुसार जुड़ सकते हैं। क्योंकि सेवा में भावना सबसे बड़ी होती है।इस पावन अवसर पर हम मालिक से यही आशीर्वाद चाहते हैं कि श्री श्याम मंडल के सभी धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रम इसी श्री श्याम बगीची परिसर में निरंतर होते रहें और यह स्थान भक्ति का केंद्र बना रहे।
फूलों की वर्षा के साथ मनेगा जन्मोत्सव
आगामी 4 सितंबर को जन्माष्टमी के मुख्य दिन मधुर भजन-कीर्तन के बीच भगवान श्री कृष्ण को 56 भोग और माखन-मिश्री का भोग लगाया जाएगा। फूलों की वर्षा कर जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा, जिसके बाद सभी श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरण होगा। समापन 6 सितंबर को होगा।
यह हैं स्वचालित विशेष झांकियां
सिद्धी विनायक गणेश जी, कृष्ण-सुदामा मिलन, कृष्ण जी का गौ प्रेम, गोपियों संग रास लीला, कर्मा बाई का प्रभु प्रेम, विराट हनुमान जी पहाड़ मंदिर, डोरेमोन ड्रीम सिटी, छत्तीसगढ़ की संस्कृति, साइबर क्राइम से बचाव एवं जुआ-सट्टा नियंत्रण जागरूकता झांकी और विशेष अमरनाथ यात्रा की वृहद झांकी।मंदिर प्रांगण में लड्डू गोपाल झूला, राधा कृष्ण झूला और वृंदावन के बांके बिहारी जी के दर्शन है।
जन्माष्टमी पर बदलेगा ट्रैफिक रूट

जले में जन्माष्टमी पर्व को लेकर यातायात पुलिस ने ट्रैफिक व्यवस्था का रूट चार्ट जारी किया है। पर्व के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग शहर पहुंचते हैं। भीड़ को देखते हुए शहर में कई जगह डायवर्सन प्वाइंट और पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। वहीं, कुछ प्रमुख मार्गों पर कार, बाइक और ऑटो की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जन्माष्टमी के दौरान सुरक्षित और सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए निर्धारित रूट और पार्किंग व्यवस्था का उपयोग करें। पुलिस के अनुसार 2 से 6 सितंबर तक शहर में यातायात व्यवस्था एकांगी मार्ग के रूप में लागू रहेगी। रेलवे स्टेशन से चक्रधरनगर की ओर: पॉइंट नंबर-6 से आने वाले वाहन पॉइंट नंबर-8 सुभाष चौक होते हुए पॉइंट नंबर-9 गद्दी चौक से डायवर्ट होकर चांदनी चौक या सर्किट हाउस के रास्ते चक्रधरनगर की ओर जा सकेंगे। चक्रधरनगर से रेलवे स्टेशन की ओर: वाहन पॉइंट नंबर-4 शहीद चौक से सारंगढ़ चौक, मालधक्का रोड होते हुए पॉइंट नंबर-6 रेलवे स्टेशन की ओर आ सकेंगे। पुलिस का कहना है कि इन जगहों पर प्रतिबंध का उद्देश्य भीड़ के बीच लोगों की आवाजाही को आसान और सुरक्षित बनाए रखना है।



