रायगढ़। शहर के चांदमारी क्षेत्र में पंडित तोषन तिवारी महाराज के निवास पर कमरछठ पूजा का सामूहिक आयोजन श्रद्धा, भक्ति एवं पारंपरिक विधि-विधान के साथ किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में माताओं एवं श्रद्धालुओं ने एकत्रित होकर कमरछठ माता की पूजा-अर्चना की तथा संतान की सुख-समृद्धि, दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए विधिवत व्रत एवं पूजन किया।
पूजा के दौरान धार्मिक वातावरण भक्तिमय बना रहा। महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना कर कमरछठ माता की कथा सुनी और परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की। सामूहिक आयोजन के कारण क्षेत्र में उत्साह और श्रद्धा का विशेष माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर पंडित तोषन तिवारी महाराज ने कमरछठ पर्व के धार्मिक एवं सामाजिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि कमरछठ हमारी सनातन परंपरा और लोक आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व विशेष रूप से माताओं की अपने बच्चों के प्रति अटूट ममता, त्याग और समर्पण का प्रतीक है। माताएं अपनी संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना को लेकर श्रद्धापूर्वक यह व्रत करती हैं। उन्होंने कहा कि कमरछठ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि हमारी पारिवारिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत रखने वाला पर्व भी है। आज के आधुनिक दौर में जब हमारी नई पीढ़ी तेजी से बदलते परिवेश के बीच आगे बढ़ रही है, ऐसे पर्व हमें अपनी जड़ों, संस्कारों और परंपराओं से जोडऩे का कार्य करते हैं। परिवार के बड़े-बुजुर्ग जब बच्चों को इन पर्वों की धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के बारे में बताते हैं, तो संस्कारों की यह विरासत अगली पीढ़ी तक पहुंचती है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि धार्मिक पर्वों को केवल परंपरा के रूप में न मनाकर इनके पीछे छिपे संस्कार, सेवा, संयम, त्याग और पारिवारिक एकता के संदेश को भी अपने जीवन में उतारें। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति की वास्तविक शक्ति हमारी परंपराओं और संस्कारों में है, इसलिए आने वाली पीढ़ी को इन पर्वों के महत्व से परिचित कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। सामूहिक पूजा के दौरान महिलाओं ने विधि-विधान से कमरछठ माता की पूजा की तथा कथा श्रवण के पश्चात संतान की सुख-समृद्धि एवं परिवार की मंगलकामना के लिए प्रार्थना की। पूजा-अर्चना के उपरांत उपस्थित श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने कहा कि इस प्रकार के सामूहिक धार्मिक आयोजन हमारी सामाजिक एवं सांस्कृतिक एकता को मजबूत करते हैं। चांदमारी में आयोजित कमरछठ पूजा में श्रद्धा और उत्साह के साथ बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता रही। अंत में पंडित तोषन तिवारी महाराज ने सभी माताओं एवं श्रद्धालुओं को कमरछठ पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए संपूर्ण परिवार के सुख, शांति, स्वास्थ्य एवं समृद्धि की मंगलकामना की।
चांदमारी में सामूहिक रूप से श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया कमरछठ पर्व
पंडित तोषन तिवारी महाराज ने बताया कमरछठ व्रत का धार्मिक एवं पारिवारिक महत्व



