रायगढ़। आगामी त्योहारों और चक्रधर समारोह को देखते हुए रायगढ़ पुलिस ने गुंडा-बदमाशों और निगरानीशुदा लोगों पर शिकंजा कस दिया है। मंगलवार को शहर के कोतवाली, चक्रधरनगर और जूटमिल थाना क्षेत्र के 58 गुंडा-निगरानी बदमाशों को थाने बुलाकर सख्त चेतावनी दी गई। पुलिस ने कहा कि अब इन्हें हर महीने थाने में हाजिरी देनी होगी और अपने रोजगार व जीवन-यापन के साधन की जानकारी भी देनी होगी।
मंगलवार सुबह से कोतवाली, चक्रधरनगर और जूटमिल थाना पुलिस के साथ रिजर्व पुलिस लाइन का बल बदमाशों के घरों पर पहुंचा। संबंधित लोगों को थाने लाकर बाद में चक्रधरनगर थाना परिसर में सामूहिक रूप से हाजिर कराया गया। पुलिस के अनुसार, कोतवाली थाना क्षेत्र के 16, चक्रधरनगर के 23 और जूटमिल थाना क्षेत्र के 19 गुंडा-निगरानी बदमाशों को हाजिर कराया गया। अधिकारियों ने उनके वर्तमान रोजगार, आय और जीवन-यापन के साधनों की जानकारी ली। पुलिस अधिकारियों ने पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और विवादों को लेकर बदमाशों को फटकार लगाई। उन्हें स्पष्ट कहा गया कि त्योहारों के दौरान शराबखोरी, नशाखोरी, मारपीट, विवाद, हुड़दंग या किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
निगरानी सूची से नाम हटवाने आवेदन दें
कुछ लोगों ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि उनके खिलाफ लंबे समय से कोई शिकायत नहीं है और वे अपराध से दूर हैं। इस पर सीएसपी राहुल उईके ने कहा कि यदि उनका आचरण लंबे समय से अच्छा है तो संबंधित थाने में निगरानी सूची से नाम हटाने के लिए नियमानुसार आवेदन दें। मामले की समीक्षा के बाद कार्रवाई की जाएगी। नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा ने कहा कि आगामी त्योहारों और चक्रधर समारोह के दौरान शहर में बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होगी। ऐसे में सभी को शांति और सौहार्द बनाए रखने की हिदायत दी गई है। संदिग्ध गतिविधि या अवैध काम की सूचना पुलिस को देने की अपील भी की गई।
एसएसपी बोले- कानून हाथ में लिया तो सख्त कार्रवाई
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ में कानून-व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। पुराने आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोग अपराध से दूर रहकर समाज की मुख्यधारा में शांतिपूर्ण जीवन बिताएं। शहर की शांति भंग करने या कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।



