बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्थित एसईसीएल की गेवरा मेगा परियोजना में देश के पहले 21 सीयूएम क्षमता वाले इलेक्ट्रो-हाइड्रोलिक फेस शॉवेल का शुभारंभ किया गया है। एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) हरीश दुहन ने आज इसका लोकार्पण किया। विदित हो कि गेवरा एशिया की सबसे बड़ी खदान है। यह अत्याधुनिक मशीन गेवरा परियोजना में कोयला उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ आधुनिक, सुरक्षित एवं उच्च दक्षता वाले खनन संचालन को नई गति प्रदान करेगी। इस अवसर पर एसईसीएल के निदेशक (तकनीकी, योजना एवं परियोजना) रमेश चंद्र महापात्र भी उपस्थित रहे।

21 सीयूएम क्षमता वाला यह अत्याधुनिक इलेक्ट्रो-हाइड्रोलिक फेस शॉवेल 360 डिग्री कैमरा, ऑपरेटर फटीग मॉनिटरिंग सिस्टम, एयर-सस्पेंशन सीट, एडजस्टेबल जॉयस्टिक, हाइड्रोलिक सीढिय़ां, गैस आधारित फायर सप्रेशन सिस्टम तथा एफओपीएस मानक के सुरक्षित केबिन जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस है। इसके साथ ही इसे एसईसीएल के फ्लीट मैनेजमेंट सिस्टम (एफएमएस) से जोड़ा गया है, जिससे इसकी कार्यक्षमता की रियल-टाइम निगरानी की जा सकेगी। लगभग 5.31 मिलियन घनमीटर वार्षिक उत्पादन क्षमता वाली यह मशीन उत्पादन, सुरक्षा और परिचालन दक्षता को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी। कार्यक्रम में एजीएम संजय मिश्रा सहित गेवरा परियोजना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे।



