रायपुर। दुर्ग में प्रोफेसर ने इंडोस्कोपी कैमरे से स्कैन करके पेपर लीक किया। पेपर सीलबंद लिफाफे में रखा था। प्रोफेसर ने उसमें सुई से छेद किया, फिर एंडोस्कोपी कैमरे को लिफाफे में बने छोटे छेद से अंदर डालकर पेपर स्कैन कर लिया। इसके बाद कंटेंट को हाथ से लिखकर छात्रों को 11-11 हजार रुपए में बेच दिया। पुलिस ने प्रोफेसर समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं दो आरोपी अब भी फरार हैं।
पुलिस के मुताबिक, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के बीएससी कृषि फर्स्ट ईयर के प्लांट पैथोलॉजी और सेकंड ईयर के दूसरे सेमेस्टर के कीटशास्त्र का पेपर लीक हुआ है। 7 अगस्त को बी.एस.सी कृषि फर्स्ट ईयर की प्लांट पैथोलॉजी और 20 अगस्त को सेकंड ईयर की कीटशास्त्र परीक्षा होनी थी। दोनों परीक्षाएं विश्वविद्यालय से जुड़े 28 कृषि कॉलेजों में होनी थीं। पेपर लीक की जानकारी सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी ने परीक्षा स्थगित कर दी।
मास्टरमाइंड निजी कॉलेज के प्रोफेसर
मास्टरमाइंड प्रोफेसर का नाम योगेश सोनकेसरिया है। वह दुर्ग जिले के भारती एग्रीकल्चर कॉलेज में साल 2019 से प्रोफेसर है। पिछले करीब एक साल से वह अपने कॉलेज की उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने और आने वाली परीक्षाओं के पेपर लेने के लिए रायपुर कृषि महाविद्यालय आता था। 17 अगस्त को योगेश उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने रायपुर के जोरा स्थित कृषि महाविद्यालय आया था। इसी दौरान उसने आने वाली परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लिए। सभी पेपर कॉलेज में रखने के बाद उसने 20 अगस्त की परीक्षा के कीटशास्त्र विषय के पेपर वाला लिफाफा अपने घर ले गया। योगेश ने घर पर लिफाफे में छेद करके एंडोस्कोपी कैमरा डालकर पेपर का वीडियो बना लिया। पेपर को अपने कॉलेज के छात्रों को 11 हजार रुपए में बेच दिया। पेपर लीक की जानकारी कवर्धा कृषि कॉलेज और विश्वविद्यालय के अधिकारियों को ई-मेल के जरिए मिली। इसके बाद यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
परीक्षा शुरू होने से 2 घंटे पहले वॉट्सऐप पर मिला था पेपर
आईजीकेव्ही में बीएससी एग्रीकल्चर सेकेंड ईयर के एंटोमोलॉजी यानी कीट विज्ञान का पेपर परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले वॉट्सऐप पर लीक हुआ था। परीक्षा शुरू होने से पहले ही पेपर की तस्वीरें और सवाल विद्यार्थियों के बीच वॉट्सऐप पर पहुंच गए। बताया जा रहा है कि पेपर किसी अन्य सोर्स से फॉरवर्ड होकर विद्यार्थियों तक पहुंचा था।
6 घंटे में पेपर लीक का खुलासा
पेपर वॉट्सऐप पर वायरल होने के बाद इसकी जानकारी यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पुलिस को दी। पुलिस ने तकनीकी जांच और पूछताछ के आधार पर दुर्ग निवासी अनुज मिंज को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। इसके बाद कबीरधाम, रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर समेत कई जिलों में अलग-अलग टीमें भेजी गईं। करीब 36 घंटे की लगातार जांच के बाद पुलिस ने पेपर लीक के पूरे मामले का खुलासा किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 हजार रुपए कैश, 6 मोबाइल फोन, वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस, केबल, मोबाइल कनेक्टर, सुई, सूजा, कॉपी और फेविकोल जब्त किया है।
6 आरोपी गिरफ्तार, 2 की तलाश जारी
पुलिस ने इस मामले में कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, 2 अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार काम कर रही हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पेपर लीक में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।



