कोयंबटूर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कोयंबटूर में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में देशभर के बिजऩेस कोचा और उद्यमियों की उपस्थिति के बीच फैशन बिजऩेस प्रॉफिटेबिलिटी कोच कविता अग्रवाल को प्रतिष्ठित ‘यूनिकॉर्न अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ के छोटे से शहर रायगढ़ से काम करते हुए कविता अग्रवाल आज देश के अलग-अलग शहरों, यहां तक कि महानगरों में व्यवसाय कर रही महिला बुटीक ओनर्स को अपने बिजऩेस में आगे बढऩे का मार्गदर्शन दे रही हैं। उनकी यात्रा इस बात का उदाहरण है कि आज सफलता के लिए आपका स्थान नहीं, बल्कि आपका ज्ञान, सीखने की भूख और उसे सही दिशा में लागू करने की क्षमता अधिक मायने रखती है।
कविता अग्रवाल कहती हैं- मैं हमेशा मानती हूं कि इंसान को जीवनभर विद्यार्थी बने रहना चाहिए। जिस दिन हम सीखना बंद कर देते हैं, उसी दिन हमारी ग्रोथ भी रुक जाती है। ज्ञान केवल डिग्री नहीं है; सही ज्ञान वह है जो आपके जीवन को बदले और आपके माध्यम से किसी दूसरे के जीवन में भी बदलाव लाए।
आज केवल एक लैपटॉप और इंटरनेट के माध्यम से अपने घर से काम करते हुए वे हजारों व्यवसायियों तक पहुंच बना चुकी हैं। उनका मानना है कि अच्छी आय कमाने या बड़ा प्रभाव पैदा करने के लिए हमेशा बड़े ऑफिस, बड़ी टीम या महानगर में होना जरूरी नहीं है। सही ज्ञान, स्पष्ट दिशा और निरंतर एक्शन हो तो घर के एक छोटे से कोने से भी बड़ा व्यवसाय और बड़ा प्रभाव खड़ा किया जा सकता है। कविता अग्रवाल विशेष रूप से उन बुटीक ओनर्स के साथ काम करती हैं जो अच्छी कला और अच्छे प्रोडक्ट के बावजूद कम विजि़बिलिटी, डेड स्टॉक, कम मुनाफे, टेक्नोलॉजी के डर और बिजऩेस सिस्टम की कमी से जूझ रही हैं। वे उन्हें विजि़बिलिटी, प्रॉफिटेबिलिटी और स्केलेबिलिटी के सरल, व्यावहारिक और लागू किए जा सकने वाले कदम सिखाती हैं। उनकी कार्यप्रणाली की खास बात यह है कि वे बिजऩेस स्ट्रैटेजी के साथ माइंडसेट पर भी समान रूप से काम करती हैं। उनका मानना है कि केवल रोडमैप देना पर्याप्त नहीं है; व्यक्ति के भीतर अपने काम, पैसे और क्षमता को लेकर विश्वास भी होना चाहिए।
अब तक उनके प्रयासों के माध्यम से 15,000 से अधिक लोगों तक पहुंच बनाई जा चुकी है, 7,000 से अधिक लोगों को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन मिला है और 1,000 से अधिक सदस्य उनकी करीबी बिजऩेस कम्युनिटी से जुड़े हैं। उनका विजऩ देशभर में एक मजबूत ‘फैशन सीईओ मुवमेंट’ तैयार करना है, जहां महिला बुटीक ओनर्स केवल बिजऩेस चलाने तक सीमित न रहें, बल्कि आत्मविश्वास, सही ज्ञान और सिस्टम के साथ आर्थिक रूप से स्वतंत्र और प्रॉफिटेबल उदयमी बनें। कविता अग्रवाल मानती हैं कि उनके जीवन का सबसे बड़ा निवेश हमेशा सीखना रहा है। बचपन से सीखने और आगे बढऩे की यही आदत आज उनकी सबसे बड़ी ताकत बन चुकी है।
वे कहती हैं-पैसा केवल बड़े संसाधनों से नहीं बनता, सही ज्ञान से बनता है। और ज्ञान की सबसे बड़ी खूबसूरती यह है कि जब आप उसे बांटते हैं, तो वह कम नहीं होता- उसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। अपने यूनिकॉर्न अवॉर्ड को वे केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि अपनी जिम्मेदारी का विस्तार मानती हैं। इस उपलब्धि का श्रेय वे अपने मेंटर के मार्गदर्शन तथा अपने पति डॉ. विकास अग्रवाल, बेटी, बेटे और पूरे परिवार को देती हैं, जिन्हें वे अपनी यात्रा के ग्रोथ पार्टनर्स मानती हैं। आगामी 14 नवंबर 2026 को आयोजित उनके ऑफलाइन कार्यक्रम में देशभर से आने वाली महिला उद्यमियों को उनकी बिजऩेस उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया जाएगा। उनका संदेश हर सीखने और आगे बढऩे की चाह रखने वाले व्यक्ति के लिए है- अपने शहर को छोटा मत समझिए, अपने संसाधनों को कम मत समझिए और अपनी शुरुआत को साधारण मत समझिए। खुद पर और अपने ज्ञान पर निवेश करते रहिए। सही ज्ञान, सही मार्गदर्शन और निरंतर प्रयास आपको वहां पहुंचा सकते हैं, जहां कभी आपने सिर्फ पहुंचने की कल्पना की थी।
राष्ट्रीय मंच पर कविता को ‘यूनिकॉर्न अवॉर्ड’ से सम्मानित
ज्ञान की ताकत ने रायगढ़ से देशभर के बिजऩेस तक पहुंचाई पहचान



