रायगढ़। ांधीगंज स्थित श्री राणी सती दादी मंदिर में श्री राणी सती दादी सेवा समिति द्वारा दादी जी का सिंधारा उत्सव हर्षोल्लास एवं भक्तिमय वातावरण में धूमधाम से मनाया गया। अध्यक्ष रीना बापोडिया के मार्गदर्शन में आयोजित इस उत्सव में दादी जी का सुंदर श्रृंगार कर सजे-धजे झूले में झुलाया गया।
दादी जी के हाथों एवं पैरों में सुंदर मेहंदी वंदना रतेरिया, रिंकी अग्रवाल, अनुराधा अग्रवाल एवं रेखा गुप्ता द्वारा लगाई गई। समिति की सभी सदस्यों के लिए भी झूले एवं मेहंदी की विशेष व्यवस्था की गई। सदस्यों के हाथों में मेहंदी लगाकर उनका सिंधारा किया गया। इस अवसर पर श्रुति झुनझुनवाला ने मधुर एवं भावपूर्ण भजनों की प्रस्तुति दी, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया। सदस्यों ने भजनों के साथ उत्साहपूर्वक उत्सव का आनंद लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में अध्यक्ष रीना बापोडिया, सचिव श्वेता मोदी एवं कोषाध्यक्ष सीमा अग्रवाल का विशेष योगदान रहा। साथ ही समिति की सभी पूर्व अध्यक्षों एवं सदस्यों का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। सचिव श्वेता मोदी ने जानकारी देते हुए बताया कि सिंधारश्री राणी सती दादी सेवा समिति द्वारा सिंधारा उत्सव धूमधाम से मनाया गया
मधुर भजनों से सुवासित हुआ मंदिर परिसर
रायगढ़। ांधीगंज स्थित श्री राणी सती दादी मंदिर में श्री राणी सती दादी सेवा समिति द्वारा दादी जी का सिंधारा उत्सव हर्षोल्लास एवं भक्तिमय वातावरण में धूमधाम से मनाया गया। अध्यक्ष रीना बापोडिया के मार्गदर्शन में आयोजित इस उत्सव में दादी जी का सुंदर श्रृंगार कर सजे-धजे झूले में झुलाया गया।
दादी जी के हाथों एवं पैरों में सुंदर मेहंदी वंदना रतेरिया, रिंकी अग्रवाल, अनुराधा अग्रवाल एवं रेखा गुप्ता द्वारा लगाई गई। समिति की सभी सदस्यों के लिए भी झूले एवं मेहंदी की विशेष व्यवस्था की गई। सदस्यों के हाथों में मेहंदी लगाकर उनका सिंधारा किया गया। इस अवसर पर श्रुति झुनझुनवाला ने मधुर एवं भावपूर्ण भजनों की प्रस्तुति दी, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया। सदस्यों ने भजनों के साथ उत्साहपूर्वक उत्सव का आनंद लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में अध्यक्ष रीना बापोडिया, सचिव श्वेता मोदी एवं कोषाध्यक्ष सीमा अग्रवाल का विशेष योगदान रहा। साथ ही समिति की सभी पूर्व अध्यक्षों एवं सदस्यों का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। सचिव श्वेता मोदी ने जानकारी देते हुए बताया कि सिंधारा उत्सव का उद्देश्य समिति की सदस्यों को दादी जी की भक्ति एवं परंपराओं से जोड़ते हुए आपसी प्रेम और सौहार्द के साथ उत्सव मनाना था। सभी सदस्यों की सहभागिता से कार्यक्रम अत्यंत सुंदर एवं यादगार रहा।ा उत्सव का उद्देश्य समिति की सदस्यों को दादी जी की भक्ति एवं परंपराओं से जोड़ते हुए आपसी प्रेम और सौहार्द के साथ उत्सव मनाना था। सभी सदस्यों की सहभागिता से कार्यक्रम अत्यंत सुंदर एवं यादगार रहा।



