रायगढ़। जिले के तमनार के पीएचसी चौक में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिस बल पर हमला, लूटपाट, आगजनी और बलवा के मामले में नामजद था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। इस घटना को लेकर अलग-अलग लोगों की शिकायत पर कुल 16 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें अब तक 29 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा चुका है।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि तमनार के ष्ट॥क्क चौक हिंसा मामले में फरार आरोपी अनिल बेहरा (37), निवासी लिबरा, अपने गांव आया हुआ है। सूचना मिलते ही तमनार और पूंजीपथरा पुलिस की संयुक्त टीम ने गांव में घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह राजेश मरकाम और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर घटना के दौरान आंदोलनकारियों के साथ हिंसक गतिविधियों में शामिल था। जांच के दौरान आंदोलनकारियों को हिंसा के लिए उकसाने में उसकी भूमिका सामने आने पर पुलिस ने मामले में धारा 49 क्चहृस् और धारा 25 आर्म्स एक्ट भी जोड़ दी है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
गारे पेलमा सेक्टर-1 कोयला परियोजना की जनसुनवाई के विरोध में दिसंबर 2025 से लिबरा के ष्ट॥क्क चौक पर प्रभावित गांवों के लोग धरना-प्रदर्शन और आर्थिक नाकेबंदी कर रहे थे। प्रशासन और पुलिस की ओर से लगातार आंदोलनकारियों से शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने की अपील की जा रही थी। इसी दौरान 27 दिसंबर 2025 को आंदोलन अचानक उग्र हो गया। आरोप है कि राजेश मरकाम, अनिल बेहरा, रूपेश पटेल, संदीप प्रधान समेत कुछ अन्य लोगों ने आंदोलनकारियों को भडक़ाया। इसके बाद भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर लाठी, डंडे, टांगी और पत्थरों से हमला कर दिया।
इस घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हुए। आरोप है कि भीड़ ने पुलिस से सरकारी वॉकी-टॉकी और मोबाइल फोन भी लूट लिए। इसके बाद उग्र भीड़ ने पुलिस जवानों को घेरकर लगातार पथराव किया। भीड़ ने सडक़ किनारे खड़े पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के सरकारी वाहनों में तोडफ़ोड़ की और कुछ वाहनों में आग भी लगा दी। प्लांट परिसर में भी तोडफ़ोड़ की गई। इस घटना के बाद इलाके में कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर हो गई थी।
अब तक 29 आरोपी हो चुके गिरफ्तार
तमनार थाने में इस घटना को लेकर अलग-अलग लोगों की शिकायत पर कुल 16 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें अब तक 29 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा चुका है। वहीं, इस मामले में फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं।
आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि कानून-व्यवस्था बिगाडऩे और गंभीर अपराधों में शामिल फरार आरोपियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि रायगढ़ पुलिस ऐसे आरोपियों की लगातार तलाश कर रही है और उन्हें कानून के दायरे में लाया जा रहा है। अपराधियों के खिलाफ निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई करना पुलिस की प्राथमिकता है।



