खरसिया। नगर के अत्यंत संवेदनशील और व्यस्ततम तहसील कार्यालय मार्ग पर प्रतिदिन सुबह से शाम तक दौडऩे वाले जर्जर अवस्था को प्राप्त हो चुके कंडम भारी-भरकम ट्रेलर एवं हाईवा वाहन अब राहगीरों और स्कूली विद्यार्थियों के लिए प्रत्यक्ष रूप से ‘काल’ सिद्ध हो रहे हैं। यह वही मार्ग है जहाँ स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम विद्यालय तहसील कार्यालय के बगल में छोटे बच्चों का स्कूल है तथा तहसील कार्यालय के साथ लगभग सभी सरकारी कार्यालय एवं अन्य अत्यंत महत्वपूर्ण संस्थान स्थित हैं। इसके बावजूद, स्कूल के आवागमन एवं मध्यांतर के अत्यंत व्यस्त समय में भी भारी वाहनों की बेधडक़ आवाजाही पर कोई प्रतिबंध न होना प्रशासनिक घोर लापरवाही को उजागर करता है।
जर्जर और कंडम वाहनों को कैसे मिला फिटनेस सडक़ पर धड़ल्ले से दौड़ रहे अधिकांश भारी वाहन पूर्णत जर्जर और कंडम अवस्था में हैं। स्थानीय नागरिकों एवं प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इन वाहनों की यांत्रिक स्थिति इतनी दयनीय है कि ये किसी भी क्षण भयावह हादसे का कारण बन सकते हैं। ?संदेह के घेरे में आरटीओ बिना मानक जांच के इन खटारा और कंडम भारी भरकम ट्रेलर वाहनों को फिटनेस प्रमाण पत्र दिया गया होगा इस पर शक है। और अगर फिटनेस प्रमाण पत्र दिया गया है तो जारी करने पर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं। सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर संचालित ये वाहन प्रशासनिक शह या अधिकारियों की अनदेखी का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं।
तहसील कार्यालय के सामने खुली अव्यवस्था की पोल
जिस मार्ग से प्रतिदिन उप-संभागीय अधिकारियों और पुलिस-प्रशासनिक अमले की आवाजाही होती है, वहीं सुरक्षा नियमों की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। तहसील कार्यालय के ठीक सामने से गुजरते ये अनियंत्रित वाहन इस बात का स्पष्ट साक्ष्य हैं कि जमीनी स्तर पर यातायात नियंत्रण पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है।
मौखिक सूचना के बाद भी निष्क्रियता
स्थानीय पत्रकारों द्वारा उप-विभागीय मजिस्ट्रेट को मामले की मौखिक व प्रत्यक्ष जानकारी दिए जाने के बावजूद अब तक कोई कड़ा प्रशासनिक कदम नहीं उठाया गया है। हादसे का इंतजार न करे प्रशासन स्थानीय नागरिकों, अभिभावकों एवं प्रबुद्ध वर्ग का सीधा और तीखा प्रश्न है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे और जनहानि का इंतजार कर रहा है? प्रशासन से पत्रकारों द्वारा मौखिक रूप से अविलंब निम्नलिखित बिंदुओं पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। नो-एंट्री का कड़ाई से पालन हो स्कूल खुलने, मध्यांतर और छुट्टी के समय इस मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश पर तत्काल पूर्ण प्रतिबंध लागू किया जाए।
फिटनेस जांच का विशेष अभियान
जर्जर एवं बिना वैधानिक फिटनेस कागजात के दौड़ रहे वाहनों को तत्काल जब्त कर आरटीओ अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। स्कूली समय के दौरान तहसील मार्ग एवं विद्यालय परिसर के समक्ष स्थायी यातायात पुलिस बल तैनात किया जाए। विद्यार्थियों और नौनिहालों की प्राण-रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। स्कूली विद्यार्थियों एवं आम जनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शासन प्रशासन को समय रहते इस गंभीर समस्या पर संज्ञान लेते हुए तत्काल कार्यवाही की जानी चाहिए। खरसिया के तहसील कार्यालय मार्ग पर जर्जर और अनियंत्रित भारी वाहनों की आवाजाही से सैकड़ों स्कूली बच्चों का जीवन संशय में है, जिस पर प्रशासनिक चुप्पी और परिवहन विभाग की संदिग्ध भूमिका से आमजन और अभिभावक चिंतित हैं।



