रायगढ़। जिले को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में आज जिला स्तरीय टीबी मुक्त भारत समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में क्षय रोग उन्मूलन के लिए संचालित गतिविधियों की समीक्षा करते हुए आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान जिले से चयनित विकासखण्ड घरघोड़ा को 2 अक्टूबर 2026 तक क्षय मुक्त विकासखण्ड घोषित करने के लक्ष्य को लेकर विशेष रणनीति तैयार की गई।
कलेक्टर ने टीबी उन्मूलन के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने तथा अभियान की गतिविधियों को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने लक्षित आबादी की स्क्रीनिंग, संभावित टीबी मरीजों की पहचान, आवश्यक जांच एवं उपचार की सतत निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत के मार्गदर्शन में क्षय रोग उन्मूलन अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में चर्चा की गई। जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ. जयकुमारी चौधरी ने जिले में टीबी नियंत्रण एवं उन्मूलन के लिए संचालित गतिविधियों तथा आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी।
राज्य कार्यालय के निर्देशानुसार विकासखण्ड घरघोड़ा के चार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में चार हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीन स्थापित कर क्षेत्र की समस्त आबादी की स्क्रीनिंग एवं एक्स-रे जांच किए जाने का निर्णय लिया गया। इसके माध्यम से संभावित टीबी मरीजों की शीघ्र पहचान कर आवश्यक जांच एवं उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। एक्स-रे में किसी प्रकार की असामान्यता पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति की आवश्यक जांच नियमानुसार नि:शुल्क कराते हुए उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। बैठक में जिला कार्यक्रम प्रबंधक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सुश्री रंजना पैकरा, टीबी मुक्त भारत अभियान के समस्त नोडल अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला श्रम अधिकारी, जिला युवा अधिकारी, एनसीसी समूह/यूनिट कमांडर रायगढ़ तथा मेडिकल कॉलेज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित
घरघोड़ा विकासखण्ड को 2 अक्टूबर तक क्षय मुक्त घोषित करने की दिशा में बनाई गई कार्ययोजना



