रायगढ़। जिले में मानसून के आगमन के साथ ही मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढऩे लगा है। इसी बीच मलेरिया से एक व्यक्ति की जान जाने का मामला सामने आया है। मृतक बरमकेला से उपचार के लिए रायगढ़ स्थित मेकाहारा अस्पताल आया था।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार सप्ताहभर पहले सारंगढ़ जिला के बरमकेला ब्लाक के ग्राम कपरतूंगा निवासी 65 वर्षीय सीताराम साहू को अचानक तेज बुखार होने पर उसे स्थानीय अस्पताल में उपचार कराया जा रहा था,लेकिन उसकी तबीयत में सुधार नहीं होने पर जब उसकी जांच कराया गया तो वह मलेरिया पाजेटिव आया, इससे डाक्टरों ने उसे रायगढ़ रेफर कर दिया, जिससे परिजन उसे पहले जिला अस्पताल लेकर आए, जहां डाक्टरों ने उसकी जांच की गई तो तेज बुखार के चलते उसकी चेतना कमजोर हो रही थी, साथ ही बीपी भी लगातार बढ़ रहा था और आक्सीजन स्तर 96 प्रतिशत होने के कारण सांस लेने में दिक्कत आ रही थी। इससे आक्सीजन लगाकर उसे मेडिकल कालेज अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां तीन-चार दिन उपचार के बाद बुधवार को उसकी मौत हो गई। हालांकि यह जिले में मलेरिया से होने वाली पहली मौत है, जिसने अब स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। वहीं विभागीय अधिकारियों का दावा है कि अभी तक जिले में एक भी मलेरिया का केस सामने नहीं आया है, यह मलेरिया पीडि़त भी दूसरे जिले से यहां उपचार के लिए आया था, जिसकी मौत हुई है। इसके बाद भी अब स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों को मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए सावधानी बरतने हेतु जागरूक कर रहा है। विभाग की ओर से बताया गया है कि इन दिनों मच्छरों का प्रकोप बढऩे लगा है, जिससे मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा अधिक होता है। जिससे लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। साथ ही अगर अचानक तेज बुखार के साथ सिर दर्द व हाथ पैर में दर्द की शिकायत होतो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराना चाहिए।
साफ-सफाई का रखें ध्यान
उल्लेखनीय है कि इन दिनों रूक-रूक कर हो रही हल्की बारिश के चलते मच्छर का लार्वा पैदा होने लगे हैं। ऐसे में अपने घरों व आसपास सफाई रखने, पानी जमा न होने देने और मच्छरदानी का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि मलेरिया या अन्य मौसमी बीमारियों के लक्षण दिखने पर तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें और पूरा उपचार लें। ताकि समय रहते बीमारी पर काबू पाया जा सके।
किया जा रहा जागरूक
जिले में एक व्यक्ति की मलेरिया से मौत होने की खबर मिलते ही स्वास्थ्य विभाग अपना तैयारी शुरू कर दी है। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में मितानीनों की मदद से लोगों को सतर्क किया जा रहा है तो वहीं शहरी क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों में बैनर-पोस्टर के साथ अस्पताल आने वाले मरीजों को इस जल जनित बीमारी से बचने की सलाह दी जा रही है। ताकि डेंगू मलेरिया जैसे खतरनाक बीमारी से बचा जा सके। इस सबंध में विशेषज्ञों का कहना है कि डेंगू और मलेरिया दोनों ही बीमारियां शुरुआत में सामान्य बुखार जैसी लगती हैं, लेकिन समय पर जांच और इलाज नहीं मिलने पर गंभीर रूप ले सकती है। इसलिए लोगों को स्वयं भी सतर्क रहने की जरूरत है। तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, आंखों के पीछे दर्द या लगातार कमजोरी महसूस होने पर तत्काल नजदीकी केंद्र में जाकर जांच करानी चाहिए, ताकि समय से बीमारी की पहचान होने पर उपचार हो सके।



