रायगढ़। इंटीरियर डिजाइनिंग एक उच्चकोटि की कला है और इस कला के साथ जब वास्तु शास्त्र का समावेश होता है तो घर और संस्थान की खूबसूरती में चार चाँद तो लगते ही हैं साथ ही एक आध्यात्मिक आनंद से मन और आत्मा भी उस खूबसूरती का अवलोकन कर आनंदित हो जाता है। वास्तुशास्त्र अनुरुप इंटीरियर डिजाइनिंग की इन्हीं कला में बेहद कुशल हैं। शहर की मृदुभाषी व्यक्तित्व की धनी लॉयंस क्लब रायगढ़ प्राइड की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती पूनम सिंह। जो विगत एक दशक से अधिक समय से रायगढ़ शहर के लोगों के घर व संस्थान की खूबसूरती को अपनी कला प्रतिभा से नव्यता और भव्यता देकर जिले में अपनी एक अलग ही विशिष्ट पहचान बना चुकी हैं।
नागपुर से हुई शुरुआत
इंटीरियर डिजाइनर श्रीमती सिंह 2010 में नागपुर से प्रोफेशनल इंटीरियर डिजाइनिंग का कोर्स पूरा करने के बाद उन्होंने 2011 में जैविक इंटीरियर नाम से अपनी कंपनी की शुरुआत की हैं और विगत 2014 से कृष्णा कॉम्प्लेक्स में कार्यालय स्थापित कर रायगढ़ में अपनी सेवाएं शुरू कीं इसके पश्चात वर्तमान में इला मॉल स्थित कार्यालय से वे अनवरत रूप से शहर और आसपास के क्षेत्र को वास्तु-अनुरूप आधुनिक इंटीरियर डिजाइनिंग सेवाएं प्रदान कर रही हैं। वही उनका मानना है कि घर हो या ऑफिस, सही दिशा, सही ऊर्जा और सही सौंदर्य के तालमेल से ही जीवन में सुख-समृद्धि आती है। यही वजह है कि आज वे शहर के प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट्स की पहली पसंद बन चुकी हैं।
जीवन में सकारात्मकता लाना प्रमुख ध्येय
श्रीमती पूनम सिंह ने कहा कि विगत 15 वर्षों में उन्होंने शहर के अनेक स्टील प्लांट, कॉर्पोरेट ऑफिस, हॉस्पिटल, प्रशासकीय कार्यालय, शो-रूम, सैलून और सैकड़ों घरों को वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों के अनुसार खूबसूरत और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर इंटीरियर दिया है। वहीं उनका कहना है कि मेरा उद्देश्य सिर्फ दीवारों को रंगना या फर्नीचर लगाना नहीं है। मेरा लक्ष्य है हर स्पेस में रहने वाले लोगों के जीवन में सकारात्मकता, शांति और समृद्धि लाना। ग्राहक की पसंद, बजट और वास्तु – इन तीनों का संतुलन ही अपनी संस्था जैविक इंटीरियर की पहचान है। वहीं उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रोजेक्ट से पहले वे क्लाइंट की जीवनशैली, परिवार की जरूरतों और भवन की दिशा का गहन अध्ययन करती हैं। इसके बाद ही कलर स्कीम, फर्नीचर प्लेसमेंट, लाइटिंग और डेकोर का अंतिम निर्णय लिया जाता है ताकि वह स्थान न केवल सुंदर दिखे बल्कि वास्तु के अनुसार फलदायी भी हो।
वास्तु ही जीवन की सफलता का राज है
वर्तमान समय में इंटीरियर डिजाइनिंग के प्रति लोगों की सोच में बड़ा बदलाव आया है। इसे तरजीह देते हुए श्रीमती सिंह ने कहा कि विगत एक दशक में लोगों में इंटीरियर डिजाइनिंग को लेकर काफी जागरूकता आई है। पहले लोग सिर्फ दिखावे के लिए इंटीरियर कराते थे, लेकिन अब लोग वास्तु-अनुरूप डिजाइन को सबसे ज्यादा महत्व दे रहे हैं। हमारे शास्त्रों में भी वास्तु का विशेष महत्व बताया गया है। दिशा, पंचतत्व और ऊर्जा का संतुलन ही सफलता की कुंजी है। यही कारण है कि आज लोग घर बनाते समय या ऑफिस का इंटीरियर कराते समय सबसे पहले वास्तु सलाह लेते हैं। उनके अनुसार किचन की दिशा, बेडरूम का प्लेसमेंट, ऑफिस में केबिन की लोकेशन और यहां तक कि रंगों का चुनाव भी व्यक्ति के करियर और स्वास्थ्य पर सीधा असर डालता है। इसी वैज्ञानिक और आध्यात्मिक सोच के कारण ‘जैविक इंटीरियर’ को रायगढ़ में विशेष पहचान मिली है।
विश्वास से मिली कामयाबी
श्रीमती पूनम सिंह का कहना है कि उनका यह सफर लोगों के सहयोग और विश्वास से ही संभव हुआ है। वे आगे भी रायगढ़ और छत्तीसगढ़ के लोगों को किफायती, टिकाऊ और वास्तु-सम्मत इंटीरियर समाधान देती रहेंगी। उनका सपना है कि हर घर एक मंदिर की तरह पवित्र और हर ऑफिस सफलता का केंद्र बने।वहीं इंटीरियर डिजाइनिंग संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए कोई भी सम्मानीय लोग जैविक इंटीरियर संस्थान (9963157955) इला मॉल कार्यालय रायगढ़ से संपर्क कर सकते हैं।



