लैलूंगा/रायगढ़। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), लैलूंगा में मंगलवार को ‘नव कौशल पथ-नई राह, नया हुनर’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का स्वागत करना, उन्हें संस्थान की शैक्षणिक एवं तकनीकी गतिविधियों से परिचित कराना तथा कौशल विकास के माध्यम से रोजगार एवं स्वरोजगार के प्रति प्रेरित करना था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर के प्रतिष्ठित उद्योगपति उमेश अग्रवाल रहे। विशिष्ट अतिथि युवा उद्यमी मनीष मित्तल, युवा व्यवसायी आशीष मित्तल तथा संस्थान के पूर्व छात्र रामदास पटेल उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्राचार्य, प्रशिक्षण अधिकारी, प्रशिक्षकगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नवप्रवेशी छात्र-छात्राएँ शामिल हुए।
संस्थान की उपलब्धियों एवं चुनौतियों से कराया अवगत
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, लैलूंगा के प्राचार्य ज्योतिष मिश्रा ने सभी अतिथियों एवं विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में संस्थान द्वारा संचालित विभिन्न ट्रेडों, प्रशिक्षण व्यवस्था, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास कार्यक्रमों तथा अन्य सह-शैक्षणिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्थान में उपलब्ध सीमित संसाधनों के बावजूद विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, अनुशासन, औद्योगिक प्रशिक्षण, रोजगारोन्मुखी गतिविधियों एवं उद्योगों से समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्राचार्य श्री मिश्रा ने कहा कि संसाधनों की सीमाओं के बावजूद संस्थान का लक्ष्य प्रत्येक विद्यार्थी को ऐसा तकनीकी कौशल प्रदान करना है, जिससे वह आत्मनिर्भर बन सके और देश के औद्योगिक विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रशिक्षण अवधि का पूर्ण सदुपयोग करने तथा संस्थान की सभी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया।
आईटीआई प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता : आशीष मित्तल
युवा व्यवसायी आशीष मित्तल ने सभी नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उद्योगों को कुशल एवं प्रशिक्षित युवाओं की आवश्यकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आईटीआई से पासआउट विद्यार्थियों को उनके संस्थान में रोजगार के अवसरों में प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि स्थानीय युवाओं को बेहतर रोजगार उपलब्ध हो सके।
‘काबिल बनो, कामयाबी झक मार के पीछे आएगी’ : उमेश अग्रवाल
मुख्य अतिथि उमेश अग्रवाल ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि ‘काबिल बनो, कामयाबी झक मार के पीछे आएगी।’ उन्होंने कहा कि आज सभी विद्यार्थी काबिल बनने की दिशा में पहला कदम रख रहे हैं। यदि वे पूरी लगन, मेहनत और अनुशासन के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे तो सफलता निश्चित रूप से उनके कदम चूमेगी। उन्होंने कहा कि आज का दौर केवल डिग्रियों का नहीं बल्कि प्रैक्टिकल नॉलेज और स्किल्स का है। जिन युवाओं के पास तकनीकी कौशल होता है, उनके लिए देश-विदेश में रोजगार के असीम अवसर उपलब्ध रहते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे केवल नौकरी पाने का सपना न देखें, बल्कि भविष्य में स्वयं का उद्योग, वर्कशॉप या सर्विस सेंटर स्थापित कर दूसरों को भी रोजगार देने वाले उद्यमी बनने का लक्ष्य रखें। उन्होंने कहा कि आईटीआई का यह प्रशिक्षण काल विद्यार्थियों के जीवन का टर्निंग पॉइंट है। आने वाले समय में विकसित भारत के निर्माण में कुशल तकनीशियनों और कारीगरों की सबसे बड़ी भूमिका होगी। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा, ‘अपने अंदर के हुनर को पहचानिए, पूरी लगन और मेहनत से प्रशिक्षण पूरा कीजिए। आज का आपका पसीना, कल आपकी सफलता की इबारत लिखेगा।’
कौशल विकास से आत्मनिर्भर बनेगा भारत : मनीष मित्तल
युवा उद्यमी मनीष मित्तल ने कहा कि आईटीआई में प्रवेश लेकर विद्यार्थी केवल अपना भविष्य नहीं बना रहे हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कौशल विकास युवाओं को आत्मनिर्भर बनाता है और आत्मनिर्भर युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं।
पूर्व छात्र ने साझा किया अनुभव
संस्थान के पूर्व छात्र रामदास पटेल ने अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को बताया कि आईटीआई से प्राप्त तकनीकी प्रशिक्षण ने उनके जीवन को नई दिशा दी। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, मेहनत और निरंतर सीखने की भावना बनाए रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों का सम्मान किया गया तथा नवप्रवेशी विद्यार्थियों ने कौशल विकास के माध्यम से अपने उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संकल्प लिया। पूरा आयोजन ‘कौशल भारत-कुशल भारत’ की भावना को साकार करने वाला प्रेरणादायी कार्यक्रम साबित हुआ।



