रायगढ़। परसदा का वॉटरफाल इन दिनों युवाओं के बीच खूब लोकप्रिय हो रहा है। इसकी मनमोहक सुंदरता और रोमांचक माहौल बड़ी संख्या में युवकों को अपनी ओर खींच रहा है। हालांकि, यहां पहुंच रहे कुछ युवक रोमांच की तलाश में अपनी जान जोखिम में डाल कर ऊंची पहाडियों से सीधे झरने में छलांग लगा रहे हैं, जो बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
जिला मुख्यालय से करीब 13 किलोमीटर दूर केराझर के पास स्थित परसदा वाटर फॉल में इन दिनों बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। बरसात के मौसम में झरने की प्राकृतिक सुंदरता लोगों को आकर्षित कर रही है, लेकिन खतरनाक स्टंट से हादसे की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय लोगों की मानें तो इन दिनों युवा पथरीली और फिसलन भरी चट्टानों पर चढकऱ करीब 30 से 40 फीट ऊंचाई से गहरे झरने में छलांग लगा रहे हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण चट्टानों पर फिसलन बढ़ गई है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों ने भी इस तरह के जोखिम भरे स्टंट पर चिंता जताई है। परसदा वाटर फॉल बरसात के दिनों में जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो जाता है, जहां रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों की मानें तो ऊंची पहाड़ी से पानी में कूदना कई मायनों में घातक हो सकता है। पानी की गहराई का सही अंदाजा न होना, पानी के भीतर छिपी चट्टानों से टकराने का खतरा, या अचानक किसी अवरोध से गंभीर चोटिल होने की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा, झरने के पानी का बहाव भी कई बार अप्रत्याशित होता है, जो कूदने वाले को बहा ले जा सकता है या उसे गहरे पानी में खींच सकता है। ऐसे में एक छोटी सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासन को इस ओर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है। झरने के आसपास चेतावनी बोर्ड लगाए जाने चाहिए और सुरक्षा के पुख्ता उपाय सुनिश्चित किए जाने चाहिए। ताकि ऐसे जोखिम भरे कृत्यों को रोका जा सके। युवाओं को भी समझना होगा कि रोमांच के लिए अपनी जान जोखिम में डालना बुद्धिमानी नहीं है। उन्हें सुरक्षित तरीके से प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेना चाहिए और नियमों का पालन करना चाहिए।
वीडियो हो रहा वायरल
विगत दो-तीन दिन से बारिश थमने के बाद परसदा वाटरफाल का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें युवा पहाड़ी की ऊंची चोटियों पर चढ़ कर नीचे पानी में छलांग लगा रहे हैं। ऐसे में अगर किसी पत्थर से टकराते हैं तो गंभीर रूप से घायल भी हो सकते हैं, साथ ही पानी का बहाव अगर अचानक बढ़ जाता है तो इसमें डूबने की भी संभावना है, ऐसे में यहां सुरक्षा का व्यवस्था होना चाहिए। वहीं पिछले साल यहां पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया था, लेकिन इस बार अभी तक प्रशासन की तरफ से कोई पहल नहीं हुआ है, जो आगे चलकर खतरनाक साबित हो सकता है।



