खरसिया। बिलासपुर रायगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-49) पर लगातार बढ़ता अतिक्रमण और प्रशासनिक उदासीनता अब मूक पशुओं के लिए काल साबित हो रही है। देर रात खरसिया के ग्राम छोटे देवगांव के पास हुए एक दर्दनाक हादसे में एक तेज रफ्तार अनियंत्रित हाईवा ने सडक़ पर बैठे छह गौवंशों को कुचल दिया। हादसा इतना वीभत्स था कि तीन गौवंशों ने मौके पर ही तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए घायल गौवंशों का उपचार कराया और मृत पशुओं का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार किया। हालांकि, इस हादसे के बाद से स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि एनएच-49 के दोनों ओर लंबे समय से अवैध कब्जों का जाल फैला हुआ है। सडक़ किनारे संचालित ढाबों, होटलों और दुकानों के बाहर घंटों भारी वाहन (हाईवा और ट्रेलर) बेतरतीब ढंग से खड़े रहते हैं। अवैध पार्किंग के कारण फोरलेन का बड़ा हिस्सा घिर जाता है, जिससे सडक़ संकरी हो जाती है। दृश्यता प्रभावित बड़े वाहनों के खड़े रहने से मोड़ और कट पर सामने से आने वाले वाहन या सडक़ पर मौजूद मवेशी दिखाई नहीं देते। शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं ग्रामीणों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और स्थानीय प्रशासन को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन आज तक न तो अतिक्रमण हटाया गया और न ही नो-पार्किंग क्षेत्र में खड़े वाहनों पर चालानी कार्रवाई हुई।
तीन बेजुबान गौवंशों की मौत ने प्रशासनिक दावों की पोल खोलकर रख दी है। क्षेत्रवासियों का स्पष्ट कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते सडक़ किनारे अवैध कब्जे और ढाबों के बाहर नो-पार्किंग पर सख्ती दिखाई होती, तो यह दुर्घटना टल सकती थी। ?अब सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा होता है कि क्या जिम्मेदार विभाग किसी बड़े मानवीय हादसे का इंतजार कर रहे हैं ?क्या इन बेजुबान मौतों के बाद भी एनएच-49 पर बुलडोजर चलेगा
हाईवा चालकों और ढाबा संचालकों पर कब होगी कार्रवाई
ग्रामीणों की चेतावनी यदि एनएच-49 से तत्काल अवैध कब्जे नहीं हटाए गए और भारी वाहनों की अनियंत्रित पार्किंग पर रोक नहीं लगी, तो अगला हादसा किसी इंसान की जान ले सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द विशेष अभियान चलाकर एनएच-49 को कब्जा-मुक्त कराने की मांग की है।



