खरसिया। कैलाश शर्मा। नवपदस्थ अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सतीश भार्गव ने खरसिया अनुविभाग का पदभार ग्रहण कर लिया है। प्रभार संभालने के उपरांत क्षेत्र के पत्रकारों कैलाश शर्मा, जगदीश मित्तल, विद्या चौहान एवं किशोर चौहान ने उनसे सौजन्य मुलाकात कर नई जिम्मेदारी के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस दौरान डीएसपी, एसडीओपी भार्गव ने क्षेत्र की कानून-व्यवस्था अपराध नियंत्रण और बस्तर में बिताए अपने 5 वर्षों के अनुभवों पर पत्रकारों के साथ खुलकर चर्चा की। उल्लेखनीय है कि डीएसपी सतीश भार्गव वर्ष 2021 में प्रशिक्षु (ट्रेनी) डीएसपी के रूप में खरसिया में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। खाकी वर्दी पहनने से पूर्व उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी कर एक वर्ष तक भारतीय रेलवे में लोको पायलट के पद पर भी निष्ठापूर्वक कार्य किया है।
केंद्रीय गृह मंत्री की डेडलाइन और नक्सल मोर्चे पर साहसिक भूमिका
वर्ष 2021 से 2026 तक, लगातार 5 वर्षों तक सतीश भार्गव की तैनाती धुर नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग के कोंडागांव में रही। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बस्तर से नक्सलवाद को जड़मूल से समाप्त करने के लिए तय की गई 31 मार्च 2026 की समय-सीमा (डेडलाइन) के तहत चलाए गए विशेष अभियानों में डीएसपी भार्गव का महत्वपूर्ण और उल्लेखनीय योगदान रहा। अति-संवेदनशील और विषम परिस्थितियों के बीच मैदान में डटे रहकर उन्होंने नक्सल विरोधी अभियानों की रणनीतिक कमान संभाली और क्षेत्र में शांति बहाली के प्रयासों को मजबूती दी।
बस्तर छत्तीसगढ़ का स्वर्ग प्रकृति व संस्कृति का अद्भुत संगम
कोंडागांव में बिताए अपने कार्यकाल की चुनौतियों को साझा करते हुए एसडीओपी भार्गव ने बस्तर के प्रति अपना गहरा जुड़ाव व्यक्त किया उन्होंने कहा बस्तर केवल चुनौतियों की भूमि नहीं, बल्कि यह ‘छत्तीसगढ़ का स्वर्ग’ है। वहां की समृद्ध लोक-संस्कृति, सीधे-सादे और आत्मीय निवासी तथा वहां का निसर्ग सौंदर्य अद्भुत है। नक्सलवाद के साये के बीच भी वहां की जनजातीय संस्कृति की चमक फीकी नहीं पड़ती। पर्यटन और प्राकृतिक सुंदरता की दृष्टि से बस्तर में अपार संभावनाएं हैं, हर नागरिक को जीवन में एक बार बस्तर जाकर वहां की प्रकृति और संस्कृति का आनंद जरूर लेना चाहिए।
खरसिया में अपराध मुक्त वातावरण बनाना पहली प्राथमिकता
क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट करते हुए एसडीओपी भार्गव ने दोटूक कहा कि खरसिया में अपराध और असामाजिक तत्वों के खिलाफ छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार एवं रायगढ जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह जी के मार्गदर्शन में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने कहा आम नागरिकों और जागरूक मीडिया के सहयोग से खरसिया में शांति व्यवस्था कायम रखी जाएगी। कानून हाथ में लेने वाले या अपराध से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा चाहे वह कोई भी हो। पुलिस प्रशासन पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेगा। सौजन्य मुलाकात के दौरान खरसिया के वरिष्ठ पत्रकार कैलाश शर्मा, जगदीश मित्तल, विद्या चौहान एवं किशोर चौहान मुख्य रूप से उपस्थित रहे। सभी ने एसडीओपी भार्गव के 5 वर्षों के नक्सलवाद क्षेत्र में तैनाती के पिछले अनुभव और खरसिया से उनके पुराने जुड़ाव को देखते हुए उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में क्षेत्र में कानून का राज और अधिक सुदृढ़ होगा।



