रायगढ़। ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत चक्रधरनगर पुलिस ने एमएसपी प्लांट से करीब 14.22 लाख मूल्य के एमएस चैनल एवं एमएस बीम की सुनियोजित हेराफेरी का पर्दाफाश करते हुए मुख्य साजिशकर्ता सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फर्जी ड्राइवर, फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस और दूसरे ट्रांसपोर्टर के वाहन नंबर का इस्तेमाल कर माल को गंतव्य तक पहुंचाने के बजाय बेचने की साजिश रची थी। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, वहीं दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार विगत 25 नवंबर 2025 को ट्रांसपोर्ट व्यवसायी ईश्वरी सिंह ने चक्रधरनगर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि एमएसपी प्लांट जामगांव से जमशेदपुर भेजे जाने वाले 14,22,783 मूल्य के एमएस चैनल एवं एमएस बीम को विनोद साहू नाम बताने वाले एक व्यक्ति ने वाहन क्रमांक सीजी-15-एसी-2383 के नंबर प्लेट का उपयोग कर लोड कराया, लेकिन माल निर्धारित स्थान तक नहीं पहुंचाया। जांच में पता चला कि आरोपी न तो वास्तविक ड्राइवर था और न ही उसके द्वारा प्रस्तुत ड्राइविंग लाइसेंस एवं पहचान सही थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय है, सामान ट्रांसपोटींग के लिए अक्सर वाहन मालिक राजेन्द राम यादव से वाहन लेता है। इसी सिलसिले में 19 नवंबर 2025 को ड्राईवर विनोद साहू जो स्वयं को ट्रांसपोटर राजेन्द्र राम यादव का ड्राईवर बताते हुए सामान ट्रांसपोर्ट करने के लिए काम के लिए पूछा जिसे एमएसपी प्लांट जामगांव से जमशेदपुर कुछ सामान भेजना है बताया था। ऐसे में पीडि़त की शिकायत पर पुलिस ने धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। इस दौरान पुलिस ने एमएसपी प्लांट के रिकॉर्ड, लोडिंग दस्तावेज, ट्रांसपोर्टर एवं वाहन मालिक से जानकारी जुटाई। जांच में सामने आया कि पूरी वारदात एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत अंजाम दी गई थी।
आरोपित कथित ड्राईवर विनोद साहू ने पत्थलगांव निवासी भगतपुरी गोस्वामी के साथ मिलकर एमएसपी कंपनी आया था और ट्रांसपोटर राजेन्द्र राम यादव की गाड़ी बताकर एमएसपी जामगांव रायगढ़ से सिद्ध विनायक स्टील टाटा आदित्यपुर जमशेदपुर के लिए माल लोड कराया गया था किन्तु लोडिंग सामान ड्रायवर सहित गायब हो गया। जब वाहन मालिक राजेन्द्र राम यादव से पूछा तो उसने ड्रायवर विनोद साहू नाम के किसी भी व्यक्ति को जानने से इंकार किया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों एवं लगातार पूछताछ के आधार पर भगतपुरी गोस्वामी को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
आरोपी भगतपुरी गोस्वामी निवासी पत्थलगांव ने खुलासा किया कि उसने फर्जी नाम से काम करने वाले ड्राइवर पुष पुरी गोस्वामी (फर्जी नाम विनोद साहू), वाहन मालिक विकास मल्लिक, अपने दोस्त तसौवर अंसारी उर्फ शाहरूख, अभय रवानी एवं प्रेम रवानी के साथ मिलकर पूरी योजना बनाई थी। आरोपियों ने ट्रांसपोर्टर के वाहन का नंबर प्लेट लगाकर एमएसपी प्लांट से माल लोड कराया और उसे गंतव्य तक पहुंचाने के बजाय अन्यत्र बेच दिया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी भगतपुरी गोस्वामी ने घटना में प्रयुक्त ट्रक सहित लगभग 30 टन एमएस चैनल एवं एमएस बीम का सौदा आरोपी अभय रवानी से लगभग 7 लाख में किया था। अभय रवानी ने पुलिस को बताया कि उसने माल एवं ट्रक अपने परिचित राजीव मल्लिक निवासी धनबाद को बेच दिया। मामले में पुलिस राजीव मल्लिक तथा फर्जी ड्राइवर पुष पुरी गोस्वामी की तलाश कर रही है।
प्रकरण में आरोपियों द्वारा साक्ष्य मिटाने एवं योजनाबद्ध तरीके से सामूहिक अपराध करना पाए जाने पर धारा 338 बीएनएस तथा धारा 3(5) बीएनएस भी जोड़ी गई है। मामले में गिरफ्तार आरोपी भगतपुरी गोस्वामी, तसौवर अंसारी उर्फ शाहरूख, अभय कुमार रवानी एवं प्रेम कुमार रवानी को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
इनकी हुई गिरफ्तारी
गिरफ्तार आरोपियों में भगतपुरी गोस्वामी पिता धरमपुरी उम्र 48 वर्ष निवासी पत्थलगांव जिला जशपुर, तसौवर अंसारी उर्फ शाहरूख पिता मुख्तार अंसारी उम्र 30 वर्ष निवासी अर्स थाना सेन्हा जिला लोहरदगा (झारखण्ड), अभय कुमार रवानी पिता नंदलाल रवानी उम्र 24 वर्ष निवासी हरीना बस्ती थाना बरोरा जिला धनबाद (झारखण्ड), प्रेम कुमार रवानी पिता विनोद कुमार रवानी उम्र 24 वर्ष निवासी हरीना बस्ती थाना बरोरा जिला धनबाद (झारखण्ड) शामिल है।



